कारागार मंत्री ने तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीआईजी जेल सोमवार को जौनपुर जांच करने आएंगे।हत्या के मामले में युवती दो नवंबर 2015 से जेल में बंद है। उसके गर्भवती होने का खुलासा हाल ही में मेडिकल जांच में हुआ है। वैसे तो इस मामले को प्रशासनिक और जेल अफसर दबाने में जुटे थे, लेकिन अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हड़कंप मच गया है।
खुद प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामू वालिया ने इस मामले में जेल अफसरों से पूछताछ की। अफसरों ने उन्हें बताया कि जेल का मुआयना करने आए न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी देने के साथ मेडिकल जांच की इजाजत ली गई।
मेडिकल जांच दे दौरान अल्ट्रा साउंड जिला अस्पताल में कराया गया तो युवती के गर्भवती होने का खुलासा हुआ। कारागार मंत्री को वैसे तो जेल अफसरों ने अपना दामन बचाने के लिए तकरीबन सात से आठ माह का गर्भ बताया है। सवाल यह है कि अगर युवती सात माह की गर्भवती है तो इस बात का खुलासा पहले क्यों नहीं हुआ।
जबकि हर सप्ताह महिला चिकित्सक जेल में बंद महिलाओं का चेकअप करती है। बात जब हद से ऊपर आ गई तब इस मामले का खुलासा किया जाना कई सवाल खड़ा कर रहा है। जो भी हो जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। वैसे युवती इस मामले को खुद भी छिपा रही है।
इससे कई तरह की आशंकाएं जन्म ले रही हैं।जेल में बंद युवती के गर्भवती होने का खुलासा होने के बाद भी एडीजी जेल गोपाल लाल मीणा और डीआईजी जेल इलाहाबाद संतोष श्रीवास्तव को जानकारी नहीं थी।
अमर उजाला में जब खबर छपी तो उन्होंने स्थानीय जेल अफसरों से बात की। एडीजी गोपाल लाल मीणा का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।