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पति को पांच वर्ष की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:02 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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जलालपुर थाना क्षेत्र के धरांव गांव में दहेज में बाइक की मांग को लेकर पत्नी को प्रताड़ित कर आत्म हत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के जज बलराज सिंह ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जबकि आरोपी सास व ससुर संदेह का लाभ पाते हुए बरी हो गए। अभियोजन कथानक के अनुसार- वाराणसी जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के कर्मी निवासी लालमन राजभर ने जलालपुर थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी पुत्री सुमन की शादी एक जुलाई 2011 को धरावं गांव निवासी बब्लू पुत्र छेदीलाल के साथ किया था।
पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो उसके ससुराल वाले पति बब्लू, सास सुरसत्ती देवी, ससुर छेदीलाल दहेज में बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। उन्होंने मांग पूरी होने पर 15 मार्च 2014 को 12 बजे दिन में उसे जलाकर मार डाले। सूचना पर जब मै पहुंचा तो पुत्री जलकर मरी पड़ी थी।
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पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता इंद्रसेन सिंह व राजनाथ चौहान ने कुल 10 गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसिलन के बाद आरोपी पति बब्लू को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास व छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि आरोपी सास व ससुर संदेह का लाभ पाते हुए बरी हो गए।
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जबकि आरोपी सास व ससुर संदेह का लाभ पाते हुए बरी हो गए। अभियोजन कथानक के अनुसार- वाराणसी जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के कर्मी निवासी लालमन राजभर ने जलालपुर थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी पुत्री सुमन की शादी एक जुलाई 2011 को धरावं गांव निवासी बब्लू पुत्र छेदीलाल के साथ किया था।
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पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो उसके ससुराल वाले पति बब्लू, सास सुरसत्ती देवी, ससुर छेदीलाल दहेज में बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। उन्होंने मांग पूरी होने पर 15 मार्च 2014 को 12 बजे दिन में उसे जलाकर मार डाले। सूचना पर जब मै पहुंचा तो पुत्री जलकर मरी पड़ी थी।
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पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता इंद्रसेन सिंह व राजनाथ चौहान ने कुल 10 गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसिलन के बाद आरोपी पति बब्लू को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास व छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि आरोपी सास व ससुर संदेह का लाभ पाते हुए बरी हो गए।