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पति समेत दो को पांच वर्ष कैद की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 10 Nov 2016 01:38 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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सुजानगंज थाना क्षेत्र में 13 वर्ष पूर्व विवाहिता को प्रताड़ित कर आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने बुधवार को पति समेत दो आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास और छह-छह हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है।
साथ ही आरोपी सास लालती देवी, ससुर गौरीशंकर व जेठ सुरेश यादव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिए गए। अभियोजन कथानक के अनुसार- मछलीशहर थाना क्षेत्र के सराययुसुफ निवासी श्याम बिहारी यादव ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि मेरी पुत्री स्नेहलता की शादी 18 मई 2000 को सुजानगंज थाना क्षेत्र के एकहुआ गांव निवासी राजेश
कुमार यादव पुत्र गौरीशंकर के साथ हुई थी। पुत्री से मिलने उसके ससुराल गया तो मेरी लड़की ने शिकायत की अजिया ससुर रामराज मेरे साथ गलत हरकत करना चाहते हैं। इसके बाद मैने इसकी शिकायत अपने दामाद राजेश से की। इसको सुनकर दामाद ने मेरे सामने पुत्री को मारने लगा। मेरी पुत्री की सांस लालती देवी, ससुर गौरीशंकर मुम्बई रहते थे।
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वे लोग मुम्बई से वापस आए तो मुझे सुचना मिली की इसी बात को लेकर दो जनवरी 2003 को मेरी लड़की की हत्या कर दी। थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर वादी मुकदमा ने कोर्ट में परिवार पत्र दाखिल कर दहेज हत्या का आरोप लगाया। जिस पर न्यायाधीश ने आरोपी पति राजेश व अजिया ससुर रामराज को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास और छह-
छह हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी सास लालती देवी, ससुर गौरीशंकर व जेठसुरेश यादव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दियेे गए। अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने किया।
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साथ ही आरोपी सास लालती देवी, ससुर गौरीशंकर व जेठ सुरेश यादव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिए गए। अभियोजन कथानक के अनुसार- मछलीशहर थाना क्षेत्र के सराययुसुफ निवासी श्याम बिहारी यादव ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि मेरी पुत्री स्नेहलता की शादी 18 मई 2000 को सुजानगंज थाना क्षेत्र के एकहुआ गांव निवासी राजेश
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कुमार यादव पुत्र गौरीशंकर के साथ हुई थी। पुत्री से मिलने उसके ससुराल गया तो मेरी लड़की ने शिकायत की अजिया ससुर रामराज मेरे साथ गलत हरकत करना चाहते हैं। इसके बाद मैने इसकी शिकायत अपने दामाद राजेश से की। इसको सुनकर दामाद ने मेरे सामने पुत्री को मारने लगा। मेरी पुत्री की सांस लालती देवी, ससुर गौरीशंकर मुम्बई रहते थे।
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वे लोग मुम्बई से वापस आए तो मुझे सुचना मिली की इसी बात को लेकर दो जनवरी 2003 को मेरी लड़की की हत्या कर दी। थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर वादी मुकदमा ने कोर्ट में परिवार पत्र दाखिल कर दहेज हत्या का आरोप लगाया। जिस पर न्यायाधीश ने आरोपी पति राजेश व अजिया ससुर रामराज को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास और छह-
छह हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी सास लालती देवी, ससुर गौरीशंकर व जेठसुरेश यादव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दियेे गए। अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने किया।