फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   मां के शव पर बच्चों का बिलाप देख डबडबा गई आंखें .

मां के शव पर बच्चों का बिलाप देख डबडबा गई आंखें .

Thu, 13 Dec 2018 12:12 AM IST
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
जौनपुर। केराकत कोतवाली में रखे गए इंदू देवी के शव पर उसके बच्चों को विलाप देख लोगों की आंखें डबडबा गई। सड़क हादसे में मौत का शिकार हुई भुइधर मढ़ी निवासी इंदू देवी पत्नी बेचू छह बच्चों की मां थीं। बेटा नीरज, धीरज, अरविंद व पुत्रियां सुमन, सोनम व खुश्बू हैं। जिसमें धीरज नेत्रहीन है। कोतवाली परिसर में रखी गई मां की लाश पर विलापर कर रहे बच्चों ने कहा कि उनसे यह कहकर निकली थी कि वह उनके लिए सर्दी के कपड़े खरीदने बाजार जा रही है। उन्हें नहीं मालूम था कि उनके कपड़े की जगह मां की लाश उनके पास आएगी। यह जानता तो मां को हरगिज घर से नहंीं निकलने देते। यह कहते हुए मां की लाश से लिपटकर रो रहे बच्चों को देख हर किसी की आंखे डबडबा गई। दुर्घटना में मृत आरती देवी पत्नी गुलाब निषाद निवासी पतरही के परिजनों पर भी गमो का पहाड़ टूट पड़ा है। आरती के पति की मौत चार वर्ष पहले ही हो चुकी है। वह पांच बच्चों की मां थी। जिसमें विजय, अजय, सीमा, तन्नू व सीता हैं। सीता कुछ वर्ष पूर्व मिट्टी निकालते समय टीला ढहने से उसमें दबकर अपाहिज हो चुकी है। पति की मौत के बाद आरती शादी विवाह में खाना बनाने का काम करती थी। मजदूरी करके वह किसी तरह अपना व बच्चों का पेट पालती थी। बुधवार को केराकत में ही किसी के शादी में मजदूरी करके घर वापस जा रही थी लेकिन घर पहुंचने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गई। कोतवाली परिसर मे रखी मां की लाश पर विलाप कर रही सीमा ने कहा कि मां मजदूरी कर के उनका पालन पोषण करती थी अब उनका कोई सहारा नहीं है। उधर इसी हादसे में मृत आटो चालक औरी गांव निवासी सूरज सोनकर उर्फ सप्फू के परिजनों पर भी गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। लल्लन सोनकर व हंसा देवी की छह संतानों में सूरज दूसरे नंबर का था। उसकी शादी अभी नहीं हुई थी। वह टेंपो चलाकर परिवार की आजीविका चलाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed