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ुलिस उत्पीडन से तंग आकर युवक ने फांसी लगाकर दी जान
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:17 AM IST
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जौनपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र के कुत्तूपुर बाईपास स्थित होटल में बुधवार की रात एक युवक ने फंदे से लटक कर जान दे दी। उसके पिता का आरोप है कि हत्या के मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी जबकि उसका कोई लेना देना नहीं था। उसी डर से वह भागा फिर रहा था। अंत में उसने जान दे दी। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है।
होटल मालिक के मुताबिक कदमरसूल निवासी आशीष यादव उनके भतीजे का दोस्त था। वह बुधवार की शाम पैदल ही होटल पर आया। वह काफी परेशान था। भतीजे ने उसे चाय पिलाई। आशीष ने कहा कि उसके पास बाइक नहीं है। वह कहीं जाएगा नहीं। रात में होटल पर ही सोएगा। इस पर उसके लिए तीसरी मंजिल पर स्थित एक कमरा खुलवा दिया गया। सुबह देर तक वह नहीं उठा तो भतीजा उसे जगाने गया पर कमरा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी कमरे से कोई जवाब नहीं मिलने से घबराए भतीजे ने 100 नंबर पर सूचना दी। बाद में नगर कोतवाली और सरायख्वाजा पुलिस ने दरवाजा तोड़वाया तो आशीष का शव रोशनदान में बंधी रस्सी के फंदे में झूल रहा था। जानकारी मिलने पर आशीष के पिता वीरेंद्र यादव वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आशीष बीकाम और आईटीआई कर चुका था। इन दिनों रोजगार की तलाश में था। 15 दिन पूर्व लाइनबाजार क्षेत्र के पीली कोठी के पास ठेकेदार रामनवल सिंह की हत्या में पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। इसी भय से वह इधर-उधर भटक रहा था। बुधवार को सुबह वह घर पर आया और अपना मोबाइल छोड़कर चला गया। उधर, लाइनबाजार एसओ ने कहा कि नवल किशोर की हत्या से आशीष का कोई लेनादेना नहीं था। लाइनबाजार पुलिस ने उसके यहां कोई दबिश नहीं दी। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय ने बताया कि युवक तनाव में था, जिससे फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने उसके घर पर कोई दबिश नहीं दी थी।
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होटल मालिक के मुताबिक कदमरसूल निवासी आशीष यादव उनके भतीजे का दोस्त था। वह बुधवार की शाम पैदल ही होटल पर आया। वह काफी परेशान था। भतीजे ने उसे चाय पिलाई। आशीष ने कहा कि उसके पास बाइक नहीं है। वह कहीं जाएगा नहीं। रात में होटल पर ही सोएगा। इस पर उसके लिए तीसरी मंजिल पर स्थित एक कमरा खुलवा दिया गया। सुबह देर तक वह नहीं उठा तो भतीजा उसे जगाने गया पर कमरा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी कमरे से कोई जवाब नहीं मिलने से घबराए भतीजे ने 100 नंबर पर सूचना दी। बाद में नगर कोतवाली और सरायख्वाजा पुलिस ने दरवाजा तोड़वाया तो आशीष का शव रोशनदान में बंधी रस्सी के फंदे में झूल रहा था। जानकारी मिलने पर आशीष के पिता वीरेंद्र यादव वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आशीष बीकाम और आईटीआई कर चुका था। इन दिनों रोजगार की तलाश में था। 15 दिन पूर्व लाइनबाजार क्षेत्र के पीली कोठी के पास ठेकेदार रामनवल सिंह की हत्या में पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। इसी भय से वह इधर-उधर भटक रहा था। बुधवार को सुबह वह घर पर आया और अपना मोबाइल छोड़कर चला गया। उधर, लाइनबाजार एसओ ने कहा कि नवल किशोर की हत्या से आशीष का कोई लेनादेना नहीं था। लाइनबाजार पुलिस ने उसके यहां कोई दबिश नहीं दी। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय ने बताया कि युवक तनाव में था, जिससे फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने उसके घर पर कोई दबिश नहीं दी थी।
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