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हृदयघात से वृद्घ की मौत

Sat, 23 Jun 2018 12:56 AM IST
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:56 AM IST
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खुटहन। फर्जी तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर तीन बैंकों से सात लाख रुपये का लोन निकालने पर तनाव में जी रहे वृद्ध की सदमे से मौत हो गई। गुरुवार की रात उसे दिल का दौरा पड़ा और जान चली गई। एक सप्ताह पहले उसे धोखाधड़ी का पता चला था। तब से वह बेचैन था। उसने बैंकों के प्रबंधकों से तो शिकायत की ही। वहां से न्याय नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी।
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बैंक से फर्जी तरीके से कर्ज लेने का सदमा सह नहीं पाने के कारण मेढ़ागांव के त्रिवेणी प्रसाद मिश्र (40) की जान चली गई। गुरुवार की रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। हफ्ते भर पहले उन्हें पता चला था कि उनकी खेती की जमीन को गिरवी रखकर तहसील और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से त्रिवेणी प्रसाद तिवारी ने सात लाख रुपये कर्ज ले रखे हैं। उसके बाद से ही वह परेशान थे।
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मेढ़ा गांव त्रिवेणी प्रसाद मिश्र एवं त्रिवेणी प्रसाद तिवारी के पिता का नाम सीताराम है। नाम और वल्दियत एक जैसी होने का फायदा उठाकर तिवारी ने मिश्र (80) के आठ बीघे खेती की जमीन की फर्जी खतौनी बनवाई। शपथपत्र और सत्यापन रिपोर्ट फर्जी तरीके से लगाकर तीन बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवा लिया। तीनों से ही उसने सात लाख रुपये कर्ज भी ले लिए। जिन बैंकों से कर्ज लिया गया उनमें एसबीआई और बैंक आफ बड़ौदा की बदलापुर शाखा तो है ही मेढ़ा गांव का काशी गोमती ग्रामीण बैंक शाखा भी है। कर्ज पांच साल पहले लिया गया था। तीनों बैंकों ने फर्जी तरीके से सत्यापन करके केसीसी निर्गत कर दिया। इसकी जानकारी एक सप्ताह पहले उन्हें हुई तो त्रिवेणी प्रसाद मिश्र ने बैंक प्रबंधकों से शिकायत की। स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति ने कर्ज लिया है, उसका नाम त्रिवेणी प्रसाद तिवारी है न कि मिश्र। बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की। उसके बाद मुख्यमंत्री से लगायत तमाम अधिकारियों को त्रिवेणी प्रसाद मिश्र ने पत्र लिखा। मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई।
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त्रिवेणी प्रसाद मिश्र के पुत्र सूबेदार मिश्र का खेत गिरवी रखकर बैंकों से कर्ज लने की बात पिछले रविवार को पता चली थी। तब से उनके पिता सदमे में थे। वह रोज दौड़ कर बैंक या अफसरों के यहां न्याय की गुहार लगाने जाते थे। मगर कहीं से न्याय नहीं मिलता नजर आ रहा था। उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी थी। इसी सदमे मेें गुरुवार की रात हृदय घात से उनकी जान चली गई।


मामला संज्ञान में नहीं है। संभव हो उसने शिकायत की हो। इसकी जांच कराई जाएगी। राजस्व विभाग के स्तर पर कोई गड़बड़ी होगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-अरविंद मलप्पा बंगारी, जिलाधिकारी

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