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रात भर जलते रहे पटाखे, नहीं मिला तेंदुए का सुराग
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15- सिकरारा क्षेत्र के सोनपुर गांव में तेंदुआ को पकड़ने के लिए रखा गया पिंजरा व मौके पर जुटे लोग।
- फोटो : JAUNPUR
बरईपार । सिकरारा थाना क्षेत्र के सोनपुरा गांव में पिछले दो दिनों से ग्रामीण और वन विभाग दोनों मिलकर तेंदुआ की खोज में जुटे हुए हैं। तेंदुए का सुराग लगाने के लिए रातभर पटाखा जलता रहा। लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं तेंदुए के डर से ग्रामीण रतजगा करने को विवश हैं।
सोनपुरा गांव में पिछले दो दिनों से ग्रामीण और वन कर्मी मिलकर गांव के नाले,सरपत के झुरमुट और खेत खलियान में ड्रोन कैमरा की मदद से तेंदुए की को खोज रहे हैं। लेकिन ग्रामीण व बन कर्मियों को निराशा ही हाथ लगी । वन विभाग कर्मी तेंदुवा के पकड़ने के लिए दो पिजड़ा भी लेकर आए हुए हैं। वन कर्मियों की माने तो तेंदुआ कहीं सुरक्षित स्थान पर चला गया होगा। उधर तेंदुए को पकड़ने के लिए और उसे भगाने के लिए भी रात भर पटाखों को जलाने का कार्य किया जा रहा था। डीएफओ ए पी पाठक का कहना है कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिसकर्मी और वन विभाग के लोग कैंप कर रहे हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि तेंदुआ गांव से कहीं दूसरी जगह निकल गया होगा। बता दें कि बीते रविवार को गांव के 4 लोगों को तेंदुए ने हमला करके घायल कर दिया था। तभी से वन विभाग की टीम और पुलिस मोर्चे पर डटी हुई है। लेकिन असफलता ही हाथ लगी है। अभी तक किसी प्रकार की जानकारी जुटाई नहीं जा सकी है।
हिंसक जानवर ने किया हिरन के बच्चे का शिकार
सिकरारा। पिछले तीन दिनों से तेंदुए को लेकर बनी दहशत के बीच मंगलवार की शाम सोनपुरा जंगल में एक हिरन का बच्चा मृत पाया गया। मंगलवार की शाम जंगल की ओर लोग गए तो वहां हिरन का बच्चा मृत पड़ा था। उसके शरीर पर किसी हिंसक जानवर के हमले के निशान थे। लोग एक बार फिर से दहशत में आ गए। वन विभाग ने आसपास पिंजड़ा लगाकर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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सेनुहार को तेंदुआ समझ घर में घुसे लोग
बरईपार। तेंदुआ की अफवाह के बीच मंगलवार की शाम लखेसर गांव की टिकरा बस्ती में करीब साढ़े सात बजे अचानक जानवर घुस आया। गांव में तेंदुआ आना का शोर मचाते हुए लोग घरों में दुबक गए। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए जानवर की तलाश की तो सूर्यलाल यादव के घर के पीछे महुआ के पेड़ पर मौजूद जानवर सेनुहार था। उसकी आंख चमक रही थी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सई नदी के तटवर्ती गावों में जंगली जानवर को लेकर जबरदस्त दहशत है।
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सोनपुरा गांव में पिछले दो दिनों से ग्रामीण और वन कर्मी मिलकर गांव के नाले,सरपत के झुरमुट और खेत खलियान में ड्रोन कैमरा की मदद से तेंदुए की को खोज रहे हैं। लेकिन ग्रामीण व बन कर्मियों को निराशा ही हाथ लगी । वन विभाग कर्मी तेंदुवा के पकड़ने के लिए दो पिजड़ा भी लेकर आए हुए हैं। वन कर्मियों की माने तो तेंदुआ कहीं सुरक्षित स्थान पर चला गया होगा। उधर तेंदुए को पकड़ने के लिए और उसे भगाने के लिए भी रात भर पटाखों को जलाने का कार्य किया जा रहा था। डीएफओ ए पी पाठक का कहना है कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिसकर्मी और वन विभाग के लोग कैंप कर रहे हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि तेंदुआ गांव से कहीं दूसरी जगह निकल गया होगा। बता दें कि बीते रविवार को गांव के 4 लोगों को तेंदुए ने हमला करके घायल कर दिया था। तभी से वन विभाग की टीम और पुलिस मोर्चे पर डटी हुई है। लेकिन असफलता ही हाथ लगी है। अभी तक किसी प्रकार की जानकारी जुटाई नहीं जा सकी है।
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हिंसक जानवर ने किया हिरन के बच्चे का शिकार
सिकरारा। पिछले तीन दिनों से तेंदुए को लेकर बनी दहशत के बीच मंगलवार की शाम सोनपुरा जंगल में एक हिरन का बच्चा मृत पाया गया। मंगलवार की शाम जंगल की ओर लोग गए तो वहां हिरन का बच्चा मृत पड़ा था। उसके शरीर पर किसी हिंसक जानवर के हमले के निशान थे। लोग एक बार फिर से दहशत में आ गए। वन विभाग ने आसपास पिंजड़ा लगाकर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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सेनुहार को तेंदुआ समझ घर में घुसे लोग
बरईपार। तेंदुआ की अफवाह के बीच मंगलवार की शाम लखेसर गांव की टिकरा बस्ती में करीब साढ़े सात बजे अचानक जानवर घुस आया। गांव में तेंदुआ आना का शोर मचाते हुए लोग घरों में दुबक गए। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए जानवर की तलाश की तो सूर्यलाल यादव के घर के पीछे महुआ के पेड़ पर मौजूद जानवर सेनुहार था। उसकी आंख चमक रही थी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सई नदी के तटवर्ती गावों में जंगली जानवर को लेकर जबरदस्त दहशत है।