जौनपुर। खेल की असुविधाओं के बीच जिले की दो चचेरी बहनें लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में पढ़ रही इन दोनों चचेरी बहनों ने अपनी लगन की बदौलत नेशनल स्तर पर हैमर थ्रो खिलाड़ी के रुप में अपना जलवा बिखेर चुकी हैं। जबकि इनके घर का कोई भी व्यक्ति खेल का ककहरा तक नहीं जानता है। बावजूद इसके दोनों बहनों के इस मुकाम से क्षेत्र की अन्य लोग भी अपनी लड़कियों को आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।
जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर मड़ियाहूं ब्लाक के मेहदी गांव निवासी प्रेमचंद यादव और सुभाषचंद्र यादव पेशे से वाहन चालक हैं। प्रेमचंद यादव मुुंबई और सुभाषचंद्र यादव दिल्ली में ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। इनकी पत्नी क्रमश:लालती यादव व शांति यादव गृहणी हैं। प्रेमचंद्र यादव की पुत्री राधना का रुझान शुरू से ही खेलों की ओर रहा। इसे देखते हुए पिता ने उसे खेलों में ही आगे बढ़ाने की ठान ली। मां इसराजी देवी महाविद्यालय में बीएएसी द्वितीय की छात्रा राधना उस समय सुर्खियों में आई जब 2014 में स्कूल स्टेट वाराणसी में स्वर्ण पदक और स्कूल नेशनल रांची में प्रदेश की तरफ से खेलते हुए सिल्वर मेडल प्राप्त किया था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2015 में सिंगरामऊ में स्टेट, नेशनल रांची, यूथ नेशनल बिहार, यूथ नेशनल गोवा, नेशनल केरला, यूथ नेशनल विजयवाड़ा, अंडर-20 फेडरेशन कप, आल इंडिया यूनिवर्सिटी आंध्र प्रदेश व 2020 जनवरी में आल इंडिया यूनिवर्सिटी कर्नाटक सहित अन्य स्थानों पर खेलकर कई स्वर्ण,सिल्वर व कांस्य पदक जीत चुकी है। राधना से प्रेरणा लेते हुए चचेरी बहन साधना भी हैमर थ्रो में अपना परचम लहा रही है। कक्षा नौ की छात्रा साधना ने वर्ष 2016 में यूपी की तरफ से स्कूल नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया। वह अब तक ओपेन स्टेट अंडर-16 इलाहाबाद, ओपेन स्टेट अंडर-18 जौनपुर व कानपुर, यूथ नेशनल छत्तीसगढ़, जूनियर नेशनल रांची, पंजाब स्कूल नेशनल सहित अन्य स्थानों पर खेलकर गोल्ड, सिल्वर व कांस्य पदक जीती हैं।