करंजाकला। आजमगढ़ जिले के लघु उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए पाठ्यक्रम तैयार कराए जाएंगे, जिससे जनपदवासियों सहित आसपास के लोगों को रोजगार मुहैया हो सके। विज्ञान के क्षेत्र के साथ-साथ कला के क्षेत्र में सबसे अधिक ध्यान दिया जाएगा। उक्त बातें सुहेलदेव राजकीय विश्वविद्यालय आजमगढ़ के प्रथम कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार शर्मा ने शनिवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रेसवार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जनपद के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए यहां की शिक्षा और रोजगार को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे कि विश्वविद्यालय का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध और विकास कार्य कराए जाएंगे और अच्छी गुणवत्तापरक रिसर्च ओरिएंटेड फैकल्टी तैयार कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले। विश्वविद्यालय को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। चाहें विज्ञान ,कला, एग्रीकल्चर, कॉमर्स कोई भी क्षेत्र हो। यह सब सरकार व पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सहयोग के बिना फिलहाल अभी संभव नहीं है। झोले में महाविद्यालय नहीं चलेंगे। महाविद्यालय चलाने के लिए शिक्षक व भवन आदि का मानक पूरा करना होगा, इसके लिए विश्वविद्यालय टीम और स्वयं निरीक्षण करते रहेंगे। फिलहाल शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलेगी।