जौनपुर। जिले में पंचायत चुनाव के बाद से कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है लेकिन गांव में अभी जांच के मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। पंचायत चुनाव के दिन 15 अप्रैल तक जिले में कोरोना से मौत की संख्या 109 थी, लेकिन उसके बाद से अब यह आंकड़ा 181 के पार पहुंच गया है। चुनाव से पहले संक्रमितों की संख्या जहां 200 से 250 के बीच होती थी वहीं चुनाव बाद रोज मिलने वाले संक्रमितों का आंकड़ा 500 के पार हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जांच करवाने का अभियान चलाने का दावा जरूर किया है लेकिन गिने-चुने गांव में ही यह जांच हो रही है। कई बस्तियों के हर घर में बीमारी के लक्षण हैं लेकिन जांच न होने से वहां के लोग स्थानीय डॉक्टर से ही इलाज करा रहे हैं। सर्दी, बुखार, सांस फूलने जैसी बीमारी से गांवों में लगातार मौत की घटनाएं हो रही हैं लेकिन जांच न होने के कारण ऐसी मौतों का रिकार्ड सरकारी आकड़ों में दर्ज नहीं हो पा रहा है। जहां जांच नहीं हो रही वहां मौत की घटना के बाद भी न तो सैनिटाइजेशन हो रहा है और न ही आसपास के लोगों की सैंपलिंग की जा रही है। इस बाबत सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि शासन के निर्देश पांच मई से गांव-गांव टीम भेजकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जांच, नए मरीजों की पहचान, दवा वितरण व सैनिटाइजेशन के कार्य हो रहे हैं। लोगों को जागरुक किया जा रहा है कि वह लक्षण दिखते ही जांच में कोताही न बरते, ताकि समय से बीमारी की पहचान कर उपचार किया जा सके।