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कोरोना से मौत का भय मिटाने को बदल दी परंपरा
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खेतासराय। भय, निराशा और संकट से भरे कोरोना काल में लोगों में पैदा हुए भय को मिटाने के लिए गुरैनी गांव में अनूठी पहल हुई है। यहां मुस्लिम परिवार में किसी भी मौत पर लाउड स्पीकर से सूचना देने की परंपरा रोक दी गई है। पुरुष सदस्यों को आपस में ही फोन पर बात कर संदेश पहुंचाने को कहा गया है। इस पहल का मकसद यह है कि लगातार हो रही मौतों के बारे में सुनकर महिलाएं व वृद्ध दहशत में न आएं।
मुस्लिम बहुल गुरैनी गांव में पिछले एक माह के दौरान कई मौतें हुई हैं। किसी की जान कोरोना से गई तो कई लोगों ने सर्दी-खांसी, बुखार की चपेट में आकर जान गंवा दी। तमाम लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले की दम तोड़ दिया। आए दिन किसी न किसी की हो रही मौत से गांव में दहशत है। यहां मुस्लिम परिवार में किसी की मौत होने पर जनाजे के बारे में मस्जिद के लाउडस्पीकर से सूचना दी जाती थी। लगातार हो रही मौत से पैदा हुए भय को देखते हुए इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ग्राम प्रधान हसीबुद्दीन ने गांव के मस्जिद के इमाम तथा अन्य सम्मानित लोगो के साथ राय मशविरा करके गांव में मौत की सूचना लाउड स्पीकर से देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब यह तय हुआ है कि मौत की सूचना संबंधित परिवारों को केवल मोबाइल फोन के माध्यम से दी जाएगी। ग्राम प्रधान हसीबुद्दीन का दावा है कि एक सप्ताह पूर्व लिए गए इस निर्णय से गांव में कोरोना की दहशत कम हुई है। गांव में शुगर और हार्ट से संबंधित काफी मरीज हैं। कोरोना काल में बार-बार मस्जिद से मौत की सूचना पर वे अनावश्यक रूप तनाव में आ जाते थे। अब गांव में मौतों का सिलसिला भी थम गया है।
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मुस्लिम बहुल गुरैनी गांव में पिछले एक माह के दौरान कई मौतें हुई हैं। किसी की जान कोरोना से गई तो कई लोगों ने सर्दी-खांसी, बुखार की चपेट में आकर जान गंवा दी। तमाम लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले की दम तोड़ दिया। आए दिन किसी न किसी की हो रही मौत से गांव में दहशत है। यहां मुस्लिम परिवार में किसी की मौत होने पर जनाजे के बारे में मस्जिद के लाउडस्पीकर से सूचना दी जाती थी। लगातार हो रही मौत से पैदा हुए भय को देखते हुए इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ग्राम प्रधान हसीबुद्दीन ने गांव के मस्जिद के इमाम तथा अन्य सम्मानित लोगो के साथ राय मशविरा करके गांव में मौत की सूचना लाउड स्पीकर से देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब यह तय हुआ है कि मौत की सूचना संबंधित परिवारों को केवल मोबाइल फोन के माध्यम से दी जाएगी। ग्राम प्रधान हसीबुद्दीन का दावा है कि एक सप्ताह पूर्व लिए गए इस निर्णय से गांव में कोरोना की दहशत कम हुई है। गांव में शुगर और हार्ट से संबंधित काफी मरीज हैं। कोरोना काल में बार-बार मस्जिद से मौत की सूचना पर वे अनावश्यक रूप तनाव में आ जाते थे। अब गांव में मौतों का सिलसिला भी थम गया है।
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