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कंट्रोल रूम ने कहा, जिला अस्पताल जाओ, वहां पहुंचने से पहले हो गई मौत
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जौनपुर। कोरोना काल में दवा-उपचार, बेड, ऑक्सीजन आदि की जरूरतों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम से लोगों को मदद नहीं मिल पा रही। यहां फोन तो रिसीव हो रहा है, लेकिन समस्या के समाधान की बजाय नंबर देकर आगे भेज दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता नंबर के घन चक्कर में उलझकर भटकते रह जा रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत के समय ही कलेक्ट्रेट सभागार के ऊपरी तल पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। शुरुआत में कंट्रोल रूम की भूमिका बस सूचनाएं एकत्रित करने तक रही। बाद में जांच, दवा, उपचार सहित अन्य किसी तरह की मदद के लिए यहां कॉल करने को कहा गया। अब अस्पतालों में बेड या ऑक्सीजन की जरूरत के लिए ही कंट्रोल रूम के नंबरों पर ही फोन करना पड़ रहा है। कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाने के लिए यहां दस लाइन लगाए गए हैं। कई मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके बावजूद लोगों को इसका ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। कंट्रोल रूम के नंबरों पर फोन करने के बाद नाम-पता नोट किया जा रहा है व समस्या सुनी जा रही है, फिर उसे दूसरा नंबर देकर शिकायत निस्तारित मान लिया जा रहा है। संबंधित नंबरों पर पर्याप्त मदद नहीं मिल पा रही। यही कारण है कि मजबूर होकर लोग डीएम, सीडीओ या अन्य अफसरों के सीयूजी पर संपर्क करने को विवश हो रहे हैं।
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केस एक
शनिवार को हरिहरपुर निवासी फुनई यादव ने कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन कर बताया कि ऑक्सीजन लेबल 68 है। मुझे तत्काल ऑक्सीजन की आवश्यकता है। कंट्रोल रूम से उन्हें जिला अस्पताल जाने व वहां सीएमएस से संपर्क करने की बात कहकर फोन रख दिया गया। जब तक परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल ले जाते, तब तक फुनई यादव ने दम तोड़ दिया।
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केस दो
भरौली निवासी शहनवाज ने फोन कर बताया कि हमारे पिता की रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिर भी उनको खांसी व बुखार है। ऐसे में कहां जाएं। कंट्रोल रूम से उन्हें नजदीक के सीएचसी पर जाकर उपचार कराने को कहा गया। जबकि सीएचसी पर ओपीडी सेवा बंद चल रही है। फत्तूपुर निवासी रंग बहादुर सिंह ने भी कंट्रोल रूम में फोन कर अपना जांच कराने की बात बताते हुए ऑक्सीजन स्तर भी 69 व 70 बताया। उन्हें भी पास के सीएचसी पर जाने की सलाह दी गई।
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रोज फोन आने की बढ़ रही संख्या
जौनपुर। कोरोना कंट्रोल रूम में इधर छह दिनों से लगातार फोन आने की संख्या बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार को 40 लोगों ने कोरोना से संबंधित समस्या को लेकर फोन किया। मंगलवार को 43, बुधवार को 50, बृहस्पतिवार को 45, शुक्रवार को 67 और शनिवार को डेढ़ बजे तक 35 लोगों के फोन आ चुके थे।
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कंट्रोल रूम में इन नंबरों पर करें संपर्क
कोविड-19 के संक्रमण से बचाव रोकथाम एवं लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने आदि की व्यवस्था, कोरोना संबंधित बीमारियों के लक्षण और उसके उपचार व दवाइयों के संबंध में एकीकृत कोरोना कंट्रोल रूम के कई नंबर प्रशासन की तरफ से जारी किए गए हैं। कोरोना कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 7307497212, 7307469644, 7307485044, 730746 2986, 7307480993 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा एकीकृत कोरोना कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 05452-260501, 260666 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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वर्जन...
कंट्रोल रूम में जिनके भी फोन आ रहे हैं, उन्हें विस्तार से जानकारी दी जा रही है। जिससे समय रहते लोग पहुंच कर अपनी समस्या को दूर करा सकें। फुनई यादव का भी फोन आने पर जिला अस्पताल जाने की बात कही गई थी। -अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी।
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कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत के समय ही कलेक्ट्रेट सभागार के ऊपरी तल पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। शुरुआत में कंट्रोल रूम की भूमिका बस सूचनाएं एकत्रित करने तक रही। बाद में जांच, दवा, उपचार सहित अन्य किसी तरह की मदद के लिए यहां कॉल करने को कहा गया। अब अस्पतालों में बेड या ऑक्सीजन की जरूरत के लिए ही कंट्रोल रूम के नंबरों पर ही फोन करना पड़ रहा है। कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाने के लिए यहां दस लाइन लगाए गए हैं। कई मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके बावजूद लोगों को इसका ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। कंट्रोल रूम के नंबरों पर फोन करने के बाद नाम-पता नोट किया जा रहा है व समस्या सुनी जा रही है, फिर उसे दूसरा नंबर देकर शिकायत निस्तारित मान लिया जा रहा है। संबंधित नंबरों पर पर्याप्त मदद नहीं मिल पा रही। यही कारण है कि मजबूर होकर लोग डीएम, सीडीओ या अन्य अफसरों के सीयूजी पर संपर्क करने को विवश हो रहे हैं।
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केस एक
शनिवार को हरिहरपुर निवासी फुनई यादव ने कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन कर बताया कि ऑक्सीजन लेबल 68 है। मुझे तत्काल ऑक्सीजन की आवश्यकता है। कंट्रोल रूम से उन्हें जिला अस्पताल जाने व वहां सीएमएस से संपर्क करने की बात कहकर फोन रख दिया गया। जब तक परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल ले जाते, तब तक फुनई यादव ने दम तोड़ दिया।
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केस दो
भरौली निवासी शहनवाज ने फोन कर बताया कि हमारे पिता की रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिर भी उनको खांसी व बुखार है। ऐसे में कहां जाएं। कंट्रोल रूम से उन्हें नजदीक के सीएचसी पर जाकर उपचार कराने को कहा गया। जबकि सीएचसी पर ओपीडी सेवा बंद चल रही है। फत्तूपुर निवासी रंग बहादुर सिंह ने भी कंट्रोल रूम में फोन कर अपना जांच कराने की बात बताते हुए ऑक्सीजन स्तर भी 69 व 70 बताया। उन्हें भी पास के सीएचसी पर जाने की सलाह दी गई।
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रोज फोन आने की बढ़ रही संख्या
जौनपुर। कोरोना कंट्रोल रूम में इधर छह दिनों से लगातार फोन आने की संख्या बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार को 40 लोगों ने कोरोना से संबंधित समस्या को लेकर फोन किया। मंगलवार को 43, बुधवार को 50, बृहस्पतिवार को 45, शुक्रवार को 67 और शनिवार को डेढ़ बजे तक 35 लोगों के फोन आ चुके थे।
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कंट्रोल रूम में इन नंबरों पर करें संपर्क
कोविड-19 के संक्रमण से बचाव रोकथाम एवं लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने आदि की व्यवस्था, कोरोना संबंधित बीमारियों के लक्षण और उसके उपचार व दवाइयों के संबंध में एकीकृत कोरोना कंट्रोल रूम के कई नंबर प्रशासन की तरफ से जारी किए गए हैं। कोरोना कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 7307497212, 7307469644, 7307485044, 730746 2986, 7307480993 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा एकीकृत कोरोना कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 05452-260501, 260666 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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वर्जन...
कंट्रोल रूम में जिनके भी फोन आ रहे हैं, उन्हें विस्तार से जानकारी दी जा रही है। जिससे समय रहते लोग पहुंच कर अपनी समस्या को दूर करा सकें। फुनई यादव का भी फोन आने पर जिला अस्पताल जाने की बात कही गई थी। -अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी।