जौनपुर। जिन गांवों की चकबंदी 50 साल से लंबित है ऐसे दस गांवों की चकबंदी जल्दी ही की जाएगी। चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा अच्छे लेखपाल और कानूनगो की टीम लगाकर इन गांवों में चकबंदी कार्य को पूरा कराया जाए। शाहगंज के सीओ चकबंदी को निर्देश दिया गया कि एक महीने के भीतर ग्राम सुरिस एवं पिलकिछा में चकबंदी कार्य पूर्ण कराएं। सभी चकबंदी अधिकारी गांव में ही कैंप करें। आदेश के बाद भी ज्वाइन नहीं करने पर मड़ियाहूं के कारो गांव के लेखपाल को निलंबित करने को कहा। तहसील बदलापुर के ढेमा गांव, मछलीशहर के पौहा, केराकत के उदयचंदपुर, सदर के सलेड़ी गांव, जमैंथा, बेलछा गांव की समीक्षा की गई। वादों का निस्तारण शत-प्रतिशत कराने को कहा। कहा कि चकबंदी अधिकारी प्रतिदिन सुनवाई करें, पुराने मुकदमे किसी भी दशा में लंबित न रहें। डीडीसी चकबंदी ने बताया कि 26 सितंबर से एक अक्तूबर तक वरासत के प्रकरण को निस्तारण के लिए अभियान चलाया गया है। जिसमें 300 वरासत के प्रकरण निस्तारित किए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व रजनीश राय, एसओसी शीतलेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।