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कांग्रेस ने फूंका ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला
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12- पुरानी बाजार में ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला जलाते यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला फूंका।
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में मल्हनी पड़ाव पर कार्यकर्ताओं ने सिंधिया का पुतला फूंककर नारेबाजी की। कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को मध्य प्रदेश में मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। कांग्रेस पर आरोप लगाने वाले सिंधिया समर्थकों व सिंधिया को ज्ञात होना चाहिए कि 18 वर्षों के राजनीतिक कैरियर में 17 वर्ष कांग्रेस के टिकट पर सांसद रहे। दो बार केंद्रीय मंत्री रहे। राष्ट्रीय महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कांग्रेस ने सिंधिया को स्थापित करने के साथ उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सिंधिया के लगभग पचास चहेते नेताओं को पार्टी ने टिकट दिया और मंत्री बनाया। लेकिन सिंधिया ने पार्टी की विचारधारा व कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ने का कार्य किया है। दु:ख इस बात का है कि लोकतंत्र और संविधान बचाने का राग अलापने वाले सिंधिया को एकाएक यह ज्ञान कहां से आ गया कि भाजपा जनता हितैषी है।
पंकज सोनकर ने कहा कि जब ग्वालियर की राजमाता व बीजेपी नेत्री विजय राजे सिंधिया ने अपने सौतेले बेटे माधव राव सिंधिया को घर से बेघर किया था तो माधवराव सिंधिया ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से अपना दु:ख दर्द बयान किया । इंदिरा जी ने उनके सिर पर हाथ रखा। उनकी लड़ाई लड़कर ग्वालियर के राज घराने में उन्हें उनका हक़ दिलाया। उन्हीं माधवराव सिंधिया के पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश की जनता के सामने कांग्रेस परिवार के एहसानों का बदला किस तरह चुकाया पूरा देश देख रहा है। इस मौके पर यूथ कांग्रेस के सदर विधानसभा अध्यक्ष साजिद, मानू, राजकुमार गुप्ता, आलोक सिंह, शशांक सोनकर, मो. फजल, आरिफ खान, प्रदीप प्रजापति, कामरान हैदर, सचिन सिंह, राजेश गुप्ता, अजित यादव, सोनू सिंह आदि मौजूद रहे।
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युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में मल्हनी पड़ाव पर कार्यकर्ताओं ने सिंधिया का पुतला फूंककर नारेबाजी की। कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को मध्य प्रदेश में मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। कांग्रेस पर आरोप लगाने वाले सिंधिया समर्थकों व सिंधिया को ज्ञात होना चाहिए कि 18 वर्षों के राजनीतिक कैरियर में 17 वर्ष कांग्रेस के टिकट पर सांसद रहे। दो बार केंद्रीय मंत्री रहे। राष्ट्रीय महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कांग्रेस ने सिंधिया को स्थापित करने के साथ उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सिंधिया के लगभग पचास चहेते नेताओं को पार्टी ने टिकट दिया और मंत्री बनाया। लेकिन सिंधिया ने पार्टी की विचारधारा व कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ने का कार्य किया है। दु:ख इस बात का है कि लोकतंत्र और संविधान बचाने का राग अलापने वाले सिंधिया को एकाएक यह ज्ञान कहां से आ गया कि भाजपा जनता हितैषी है।
पंकज सोनकर ने कहा कि जब ग्वालियर की राजमाता व बीजेपी नेत्री विजय राजे सिंधिया ने अपने सौतेले बेटे माधव राव सिंधिया को घर से बेघर किया था तो माधवराव सिंधिया ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से अपना दु:ख दर्द बयान किया । इंदिरा जी ने उनके सिर पर हाथ रखा। उनकी लड़ाई लड़कर ग्वालियर के राज घराने में उन्हें उनका हक़ दिलाया। उन्हीं माधवराव सिंधिया के पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश की जनता के सामने कांग्रेस परिवार के एहसानों का बदला किस तरह चुकाया पूरा देश देख रहा है। इस मौके पर यूथ कांग्रेस के सदर विधानसभा अध्यक्ष साजिद, मानू, राजकुमार गुप्ता, आलोक सिंह, शशांक सोनकर, मो. फजल, आरिफ खान, प्रदीप प्रजापति, कामरान हैदर, सचिन सिंह, राजेश गुप्ता, अजित यादव, सोनू सिंह आदि मौजूद रहे।
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