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आश्रम में महिला की मौजूदगी पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:39 PM IST
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मछलीशहर के रामपुर कटाहित स्थित सद्गुरु कबीर विज्ञान आश्रम में शुक्रवार को एक महिला की मौजूदगी को लेकर भक्त भड़क गए। उन्होंने जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान महिला के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। साथ ही महिला को उसके घर भेज दिया।गुरु पूर्णिमा पर शुक्रवार को सद्गुरु कबीर विज्ञान आश्रम में कई जिलों से सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे थे।
वहां पूजन-अर्चन की तैयारी चल रही थी, तभी आश्रम की गतिविधियों में एक महिला की दखलंदाजी देख लोग कानाफूसी करने लगे। भक्तों को जब पता चला कि उक्त महिला आश्रम में 11 महीने से रह रही है तो वे भड़क गए।
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उनका कहना था कि आश्रम में महिला का रहना वर्जित है। इस मामले को लेकर भक्त महंत विमलदास से भी कहासुनी करने लगे। महंत का साफ कहना था कि महिला मेरी भक्त है और आश्रम में आती-जाती है। जिसे रहना हो रहे और जिसे
जाना हो जाए। महंत के इस बेरुखे जवाब पर भक्तों का गुस्सा भड़क गया। उनका कहना था कि वे संत शरण दास के अनुयायी हैं।
आश्रम से उनकी गहरी आस्था है। वे ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे जो आश्रम के वसूलों के खिलाफ हो। वाराणसी से आए भक्त विनय, इलाहाबाद के राकेश, भदोही के विजय का कहना था कि महिला को लेकर मठ की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही थी। इस वजह से उन्होंने विरोध जताया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। साथ ही महिला को उसके घर भेज दिया।गुरु पूर्णिमा पर शुक्रवार को सद्गुरु कबीर विज्ञान आश्रम में कई जिलों से सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे थे।
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वहां पूजन-अर्चन की तैयारी चल रही थी, तभी आश्रम की गतिविधियों में एक महिला की दखलंदाजी देख लोग कानाफूसी करने लगे। भक्तों को जब पता चला कि उक्त महिला आश्रम में 11 महीने से रह रही है तो वे भड़क गए।
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उनका कहना था कि आश्रम में महिला का रहना वर्जित है। इस मामले को लेकर भक्त महंत विमलदास से भी कहासुनी करने लगे। महंत का साफ कहना था कि महिला मेरी भक्त है और आश्रम में आती-जाती है। जिसे रहना हो रहे और जिसे
जाना हो जाए। महंत के इस बेरुखे जवाब पर भक्तों का गुस्सा भड़क गया। उनका कहना था कि वे संत शरण दास के अनुयायी हैं।
आश्रम से उनकी गहरी आस्था है। वे ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे जो आश्रम के वसूलों के खिलाफ हो। वाराणसी से आए भक्त विनय, इलाहाबाद के राकेश, भदोही के विजय का कहना था कि महिला को लेकर मठ की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही थी। इस वजह से उन्होंने विरोध जताया।