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दस बजे के बाद ही आते हैं डॉक्टर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:03 AM IST
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जिला अस्पताल में गुरुवार को चिकित्सक के चैंेंबर में बैठ इंतजार करते मरीज।
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जिला अस्पताल में इलाज के लिए मरीज सुबह आठ बजे ही पहुंच जाते हैं। लेकिन चिकित्सकों का कहीं अता-पता नहीं रहता। कोई 10 के बाद तो कोई 11 बजे बैठता है। स्थिति यह है कि गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सिर्फ तीन चिकित्सक ही बैठे, जबकि यहां तैनाती 15 की है।
डाक्टरों का इंतजार करते थक हारकर कई मरीज मायूस लौट गए।जिला अस्पताल में चिकित्सकों के आने का समय आठ बजे है। इसके बाद वह विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को देखते हैं। अमूमन नौ बजे तक वार्ड के मरीजों को देखने का समय है।
इसके बाद ओपीडी में बैठने का समय है। गुरुवार को ओपीडी के बाहर हाल में मरीजों की भीड़ जमा थी। डाक्टर के चैंबर में ताला लटक रहे थे। मरीज आपस में ही पर्ची जमाकर एकत्र कर लिए थे। करीब 10 बजे सर्जन डा. यूसुफ अंसारी और 10:15 बजे हृदय रोग एवं मेडिसिन डा. एके श्रीवास्तव अपने-अपने चैंबर में पहुंचे।
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वहीं कर्मचारी भी लगभग साढ़े नौ बजे पहुंचकर संबंधित चिकित्सकों के चैंबर का ताला खोले। दोपहर 12 बजे तक भी कई चिकित्सक नहीं आए तो संबंधित मरीज मायूस होकर लौटना शुरू कर दिए। गुरुवार को ओपीडी के लिए 15 चिकित्सकों की तैनाती की गई, थी लेकिन तीन डाक्टर ही बैठे।
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डाक्टरों का इंतजार करते थक हारकर कई मरीज मायूस लौट गए।जिला अस्पताल में चिकित्सकों के आने का समय आठ बजे है। इसके बाद वह विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को देखते हैं। अमूमन नौ बजे तक वार्ड के मरीजों को देखने का समय है।
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इसके बाद ओपीडी में बैठने का समय है। गुरुवार को ओपीडी के बाहर हाल में मरीजों की भीड़ जमा थी। डाक्टर के चैंबर में ताला लटक रहे थे। मरीज आपस में ही पर्ची जमाकर एकत्र कर लिए थे। करीब 10 बजे सर्जन डा. यूसुफ अंसारी और 10:15 बजे हृदय रोग एवं मेडिसिन डा. एके श्रीवास्तव अपने-अपने चैंबर में पहुंचे।
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वहीं कर्मचारी भी लगभग साढ़े नौ बजे पहुंचकर संबंधित चिकित्सकों के चैंबर का ताला खोले। दोपहर 12 बजे तक भी कई चिकित्सक नहीं आए तो संबंधित मरीज मायूस होकर लौटना शुरू कर दिए। गुरुवार को ओपीडी के लिए 15 चिकित्सकों की तैनाती की गई, थी लेकिन तीन डाक्टर ही बैठे।