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कलेक्ट्रेट में गरजे राज्य कर्मचारी
ब्यूरो अमर उजाला/जौनपुर
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:05 AM IST
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दस सूत्री मांगों के समर्थन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। पहले दिन मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। मांग पूरा
नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान सभी विभागों के कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि 10 सूत्री मागों को लेकर धरना प्रदर्शन किया
जा रहा है। इसमें राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों की समानता प्रदान करने, नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पूर्व में लागू नकदीकरण व्यवस्था को पुन: लागू
करने, कर्मचारियों को आठ, 16 और 24 वर्षों की सेवा पर तीन प्रोन्नति वेतनमान प्रदान करने, तकनीकी योग्यता धारी संवर्गों को न्यूनतम 4800 ग्रेड वेतनमान देने और गैर तकनीकी योग्यता वाले संवर्गों को जिनकी शैक्षिक योग्यता
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स्नातक है, उनको कम से कम 4600 ग्रेड वेतनमान स्वीकृत किए जाने की मांग की। साथ ही 23 दिसंबर को अपराह्न एक बजे मांगों से संबंधित ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
बताया कि पहले दिन परिवहन, राजस्व कार्य, शिक्षा, विकास भवन, सिंचाई, कलेक्ट्रेट, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। धरने का संचालन जिलामंत्री सीबी सिंह ने
किया। धरना में मुख्य रूप से चंद्रशेखर सिंह, डीआर सिंह, बीएन दूबे, उपेंद्र सिंह, रामअवतार यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, जेपी सिंह, फूलचंद कन्नौजिया, अजय सिंह, शैलेंद्र विक्रम सिंह, डा. प्रदीप कुमार, अशोक कुमार मौर्य,
सरिता सिंह, कृष्णा सिंह, महालक्ष्मी वर्मा, ओम प्रकाश सिंह, राजबली यादव और रामअवध लाल आदि उपस्थित रहे।
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नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान सभी विभागों के कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि 10 सूत्री मागों को लेकर धरना प्रदर्शन किया
जा रहा है। इसमें राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों की समानता प्रदान करने, नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पूर्व में लागू नकदीकरण व्यवस्था को पुन: लागू
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करने, कर्मचारियों को आठ, 16 और 24 वर्षों की सेवा पर तीन प्रोन्नति वेतनमान प्रदान करने, तकनीकी योग्यता धारी संवर्गों को न्यूनतम 4800 ग्रेड वेतनमान देने और गैर तकनीकी योग्यता वाले संवर्गों को जिनकी शैक्षिक योग्यता
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स्नातक है, उनको कम से कम 4600 ग्रेड वेतनमान स्वीकृत किए जाने की मांग की। साथ ही 23 दिसंबर को अपराह्न एक बजे मांगों से संबंधित ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
बताया कि पहले दिन परिवहन, राजस्व कार्य, शिक्षा, विकास भवन, सिंचाई, कलेक्ट्रेट, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। धरने का संचालन जिलामंत्री सीबी सिंह ने
किया। धरना में मुख्य रूप से चंद्रशेखर सिंह, डीआर सिंह, बीएन दूबे, उपेंद्र सिंह, रामअवतार यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, जेपी सिंह, फूलचंद कन्नौजिया, अजय सिंह, शैलेंद्र विक्रम सिंह, डा. प्रदीप कुमार, अशोक कुमार मौर्य,
सरिता सिंह, कृष्णा सिंह, महालक्ष्मी वर्मा, ओम प्रकाश सिंह, राजबली यादव और रामअवध लाल आदि उपस्थित रहे।