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ठंड : रेलवे ने बढ़ाई फिश प्लेट की निगरानी
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बदलापुर। शीतकालीन पेट्रोलिंग गश्त के दौरान वाराणसी-लखनऊ रेल मार्ग पर रेलवे ट्रैक के सभी सामान्य फिश प्लेट और जोगल फिश प्लेट जोड़ की जांच करके उसमें ऑयलिंग और ग्रीसिंग का कार्य किया जा रहा है। श्रीकृष्णा नगर रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ खंडअभियंता मनोज केशरी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में आमतौर पर ट्रेन ऑपरेशन बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। इस दौरान कोहरे के साथ ही पटरी चटकने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ठंड में यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे अलर्ट मोड में आ जाता है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और संरक्षा के शीतकालीन सावधानियां बरती जाती हैं।
ट्रेनों का सुचारू संचालन के लिए ग्राउंड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। प्रति तीन किलोमीटर पर रात्रि ग्यारह बजे से सुबह सात बजे तक जीपीएस , सेप्टी टूल्स, टार्च तथा सीटी आदि उपकरणों से लैश दो पेट्रोलमैन रात्रि गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैक में खिंचाव होता है। मुख्यालय के मुख्य इंजीनियर के निर्देश पर रेलवे ट्रैक की सभी जोड़ पट्टियों की जांच करके उनका लुब्रिकेशन किया जा रहा है। ट्रैक की डी-स्ट्रेसिंग के साथ सभी एलडब्लूआर (लॉन्ग वेल्डेड रेल) की मिसिंग फिटिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण पटरी में खिंचाव होता है, जिससे उसके टूटने का खतरा बना रहता है। कर्मचारियों के रात्रि में जाग कर गश्त करने के कारण ट्रेन से लाखों लोगों की यात्रा सुरक्षित रहती है।
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ट्रेनों का सुचारू संचालन के लिए ग्राउंड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। प्रति तीन किलोमीटर पर रात्रि ग्यारह बजे से सुबह सात बजे तक जीपीएस , सेप्टी टूल्स, टार्च तथा सीटी आदि उपकरणों से लैश दो पेट्रोलमैन रात्रि गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैक में खिंचाव होता है। मुख्यालय के मुख्य इंजीनियर के निर्देश पर रेलवे ट्रैक की सभी जोड़ पट्टियों की जांच करके उनका लुब्रिकेशन किया जा रहा है। ट्रैक की डी-स्ट्रेसिंग के साथ सभी एलडब्लूआर (लॉन्ग वेल्डेड रेल) की मिसिंग फिटिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण पटरी में खिंचाव होता है, जिससे उसके टूटने का खतरा बना रहता है। कर्मचारियों के रात्रि में जाग कर गश्त करने के कारण ट्रेन से लाखों लोगों की यात्रा सुरक्षित रहती है।
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