{"_id":"56f82b604f1c1bb258f14e87","slug":"changs-climate","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदले मौसम से सहमे किसान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदले मौसम से सहमे किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 28 Mar 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
शीतला चौकिया धाम क्षेत्र के ऊपर रविवार को उमड़ते घुमड़ते बादल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बार फिर मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का मानना है कि अगर बारिश हो गई तो खेत में पक कर तैयार गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। दलहनी और तिलहनी फसलें भी नष्ट हो जाएंगी। गेहूं, सरसों, चना, अरहर आदि की फसलें खेत में पक कर तैयार हो गई हैं। ऐसे में मौसम अगर एक पखवारे तक किसानों का साथ दे दिया तो उनकी खून पसीने की कमाई बर्बाद होने से बच जाएगी।
लेकिन रविवार को आसमान में छाए बादलों ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसानों का मानना है कि लगातार यह तीसरा साल होगा जब किसान मौसम की मार झेलेंगे। अभी पिछले साल मौसम की मार से खेती का जो नुकशान हुआ था उससे किसान उबर नहीं सकें हैं। इस बार अभीतक फसल ठीक थी।
15 दिन पहले हुई बारिश से खेती को दो फीसदी की क्षति जरूर हुई है फिर भी किसान इस उम्मीद में थे कि मौसम अभी भी साथ दे दिया तो फसल सुरक्षित उनके घर में पहुंच जाएगी। बारिश से बचने के लिए बहुत से किसान खलिहान में रखी सरसों को रात में भी निपटाने में लगे हैं।
विज्ञापन
बरईपार प्रतिनिधि के अनुसार सुबह से ही बदले मौसम को देख कर किसान सहम गए। कान्हापुर निवासी किसान श्यामबिहारी मिश्र का कहना है कि बरसात या ओले पड़े तो काफी तबाही होगी। सकरा गांव के किसान माताचरण पांडेय का कहना है कि गेहूं की फसल खेत में तैयार है।
ऐसी स्थिति में काफी नुकसान होगा। वहीं कटका के जमुना मिश्र का कहना है कि अगर बारिश हुई तो किसान प्रकृति के कोपभाजन का शिकार हो जाएगा। बदलापुर प्रतिनिधि के अनुसार आसमान में बादल देख किसानों के होश उड़ गए। किसान फौजदार यादव, नन्हेलाल, जयप्रकाश तिवारी का कहना है कि कर्ज लेकर खाद बीज का इंतजाम कर फसल तैयार की गई है। अगर दैवी आपदा की स्थिति आई तो किसान बदहाल हो जाएगा। वहीं कुछ किसानों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई फसल बीमा योजना का भरोसा है।
विज्ञापन
लेकिन रविवार को आसमान में छाए बादलों ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसानों का मानना है कि लगातार यह तीसरा साल होगा जब किसान मौसम की मार झेलेंगे। अभी पिछले साल मौसम की मार से खेती का जो नुकशान हुआ था उससे किसान उबर नहीं सकें हैं। इस बार अभीतक फसल ठीक थी।
विज्ञापन
15 दिन पहले हुई बारिश से खेती को दो फीसदी की क्षति जरूर हुई है फिर भी किसान इस उम्मीद में थे कि मौसम अभी भी साथ दे दिया तो फसल सुरक्षित उनके घर में पहुंच जाएगी। बारिश से बचने के लिए बहुत से किसान खलिहान में रखी सरसों को रात में भी निपटाने में लगे हैं।
विज्ञापन
बरईपार प्रतिनिधि के अनुसार सुबह से ही बदले मौसम को देख कर किसान सहम गए। कान्हापुर निवासी किसान श्यामबिहारी मिश्र का कहना है कि बरसात या ओले पड़े तो काफी तबाही होगी। सकरा गांव के किसान माताचरण पांडेय का कहना है कि गेहूं की फसल खेत में तैयार है।
ऐसी स्थिति में काफी नुकसान होगा। वहीं कटका के जमुना मिश्र का कहना है कि अगर बारिश हुई तो किसान प्रकृति के कोपभाजन का शिकार हो जाएगा। बदलापुर प्रतिनिधि के अनुसार आसमान में बादल देख किसानों के होश उड़ गए। किसान फौजदार यादव, नन्हेलाल, जयप्रकाश तिवारी का कहना है कि कर्ज लेकर खाद बीज का इंतजाम कर फसल तैयार की गई है। अगर दैवी आपदा की स्थिति आई तो किसान बदहाल हो जाएगा। वहीं कुछ किसानों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई फसल बीमा योजना का भरोसा है।