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ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 30 Dec 2014 11:02 PM IST
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नगर पालिका परिषद जौनपुर बोर्ड की बैठक में ईओ के खिलाफ सभासदों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। आरोप है कि ईओ लगातार कई बैठकों में आ नहीं रहे हैं। इससे कई समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में आठ करोड़ का प्रस्ताव पास हुआ। साथ ही विवादित फाइलों के निस्तारण के लिए नगर पालिका अध्यक्ष की अध्यक्षता में टीम बनाने का निर्णय लिया गया।
नगर पालिका परिषद के सभागार में मंगलवार को दोपहर बोर्ड की बैठक शुरू हुई। कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार ने जैसे ही बैठक की कार्यवाही शुरू की तो सभासद इरशाद मंसूरी ने अधिशासी अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव मिनी सदन में रखा। मंसूरी ने कहा कि जिसने बैठक में आने के लिए आमंत्रण पत्र दिया, वही नदारद है। ऐसा पहली बार नहीं है। इसके पहले करीब पांच बार हुई बैठक में वे नहीं आए। सभासदों के पास तमाम ऐसे सवाल होते हैं, जिसका जवाब ईओ ही दे सकते हैं। इस पर सभी सभासदों ने ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
सभासदों ने इस बात की भी चेतावनी दी कि अगर अगली बैठक में भी वह गायब रहे तो बैठक का बहिष्कार करने के साथ ईओ को कार्यमुक्त करने की मांग की जाएगी। नगर के विकास के लिए सभासदों और नगरपालिका अध्यक्ष की ओर से नाली, इंटरलाकिंग आदि विकास कार्यों के लिए दिए गए आठ करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया। सभासद अरुण यादव ने कहा कि ईओ को जबसे विवादित फाइलों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई है तब से वह कार्यालय में कम बैठते हैं। इससे जनता का काम प्रभावित होता है। इसके लिए बेहतर यह होगा कि पिछले प्रस्ताव को निरस्त कर विवादित फाइलों के निस्तारण के लिए अध्यक्ष, टीएस, एरिया के टीसी और संबंधित सभासद की टीम को यह जिम्मेदारी दी जाए।
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इस प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। बैठक में सभासद नंदलाल यादव, साजिद अलीम, मोनू सिंह, मुकेश सिंह, गार्गी सिंह, मो. आफाक, मनोज कुशवाहा, मोमिना मंसूरी, रीतू सिंह त्यागी, रेनू पाठक आदि मौजूद रहे। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ल ने बोर्ड की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किए जाने की बात से इनकार किया। मैं अवकाश पर हूं।
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नगर पालिका परिषद के सभागार में मंगलवार को दोपहर बोर्ड की बैठक शुरू हुई। कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार ने जैसे ही बैठक की कार्यवाही शुरू की तो सभासद इरशाद मंसूरी ने अधिशासी अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव मिनी सदन में रखा। मंसूरी ने कहा कि जिसने बैठक में आने के लिए आमंत्रण पत्र दिया, वही नदारद है। ऐसा पहली बार नहीं है। इसके पहले करीब पांच बार हुई बैठक में वे नहीं आए। सभासदों के पास तमाम ऐसे सवाल होते हैं, जिसका जवाब ईओ ही दे सकते हैं। इस पर सभी सभासदों ने ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
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सभासदों ने इस बात की भी चेतावनी दी कि अगर अगली बैठक में भी वह गायब रहे तो बैठक का बहिष्कार करने के साथ ईओ को कार्यमुक्त करने की मांग की जाएगी। नगर के विकास के लिए सभासदों और नगरपालिका अध्यक्ष की ओर से नाली, इंटरलाकिंग आदि विकास कार्यों के लिए दिए गए आठ करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया। सभासद अरुण यादव ने कहा कि ईओ को जबसे विवादित फाइलों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई है तब से वह कार्यालय में कम बैठते हैं। इससे जनता का काम प्रभावित होता है। इसके लिए बेहतर यह होगा कि पिछले प्रस्ताव को निरस्त कर विवादित फाइलों के निस्तारण के लिए अध्यक्ष, टीएस, एरिया के टीसी और संबंधित सभासद की टीम को यह जिम्मेदारी दी जाए।
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इस प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। बैठक में सभासद नंदलाल यादव, साजिद अलीम, मोनू सिंह, मुकेश सिंह, गार्गी सिंह, मो. आफाक, मनोज कुशवाहा, मोमिना मंसूरी, रीतू सिंह त्यागी, रेनू पाठक आदि मौजूद रहे। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ल ने बोर्ड की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किए जाने की बात से इनकार किया। मैं अवकाश पर हूं।