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प्रधानमंत्री शहरी आवास में वित्तीय अनियमितता में दो कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज
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जौनपुर। प्रधानमंत्री शहरी आवास में वित्तीय अनियमितता बरतने पर डूडा के दो कर्मचारियों के खिलाफ लाइन बाजार थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। डीएम मनीष कुमार वर्म के निर्देश पर परियोजना अधिकारी डूडा अनिल कुमार वर्मा ने लाइन बाजार थाने में केस दर्ज कराया है।
परियोजना अधिकारी डूडा अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि पीएम आवास योजना शहरी के तहत आपराधिक षड्यंत्र करके वित्तीय अनियमितता करने वाले डूडा के दो कर्मचारियों सीएलटीसी यशवीर सिंह और कंसलटेंट एमआईएस आमिर खान के खिलाफ लाइन बाजार थाने में केस दर्ज कराया गया है। डूडा के चेयरमैन (डीएम) मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) लखनऊ द्वारा 2018 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के क्रियान्वयन के लिए डूडा जौनपुर में सीएलटीसी के पद पर नियुक्त आउटसोर्सिगिं कर्मचारी यशवीर सिंह तथा आवासीय योजना की क्रियान्वयन के लिए नामित कन्सलटेंट एजेन्सी मेसर्स सरयू बाबू इंजीनियर्स इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड सूडा भवन लखनऊ द्वारा नियुक्त किए गए एमआईएस आमिर खान ने षडयंत्र करके प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 7 लाभार्थियों को दुबारा प्रथम किस्त की धनराशि पचास-पचास हजार तथा 5 लाभार्थियों को दुबारा द्वितीय किस्त की धनराशि डेढ़-डेढ़ लाख एवं 12 ऐसे व्यक्ति जिनका नाम प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के डीपीआर में शामिल नहीं है (आउट आफ डीपीआर) को प्रथम एवं द्वितीय किस्त की धनराशि तथा 3 लाभार्थियों के प्रथम किस्त की धनराशि दूसरे व्यक्ति के खाते में अवमुक्त कर वित्तीय अनियमिता किया। परियोजना अधिकारी डूडा अनिल कुमार वर्मा तथा मुख्य राजस्व अधिकारी रजनीश राय ने संज्ञान में लाने पर सीएलटीसी यशवीर सिंह को नोटिस दिया गया है, किन्तु वह वसूली कार्य के प्रति उदासीन रहे। परियोजना अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि यशवीर सिंह स्थानीय होने के कारण जब मन करता है, आफिस चले आते हैं और जब मन करता है बिना बताए आवास पर चले जाते हैं। वह अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह, मनमाना कार्यशैली के आदी हो चुके हैं। बार-बार निर्देशित किए जाने के बावजूद इनके द्वारा विभिन्न स्तरों से प्राप्त होने वाले परिवादों एवं जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले पत्रों का निस्तारण कार्य लंबित रखतेे है। आवास के लाभार्थियों से प्राप्त पत्रावलियों का परीक्षण एवं रख रखाव सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। वह कंसलटेंट एजेंसी के जेई एवं सर्वेयरों पर दबाव बनाकर उनसे पैसे वसूल करते हैं। जो जेई व सर्वेयर पैसे देने में आनाकानी करता है, उसका जियोटैग निरस्त कर दिया जाता है।
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परियोजना अधिकारी डूडा अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि पीएम आवास योजना शहरी के तहत आपराधिक षड्यंत्र करके वित्तीय अनियमितता करने वाले डूडा के दो कर्मचारियों सीएलटीसी यशवीर सिंह और कंसलटेंट एमआईएस आमिर खान के खिलाफ लाइन बाजार थाने में केस दर्ज कराया गया है। डूडा के चेयरमैन (डीएम) मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) लखनऊ द्वारा 2018 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के क्रियान्वयन के लिए डूडा जौनपुर में सीएलटीसी के पद पर नियुक्त आउटसोर्सिगिं कर्मचारी यशवीर सिंह तथा आवासीय योजना की क्रियान्वयन के लिए नामित कन्सलटेंट एजेन्सी मेसर्स सरयू बाबू इंजीनियर्स इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड सूडा भवन लखनऊ द्वारा नियुक्त किए गए एमआईएस आमिर खान ने षडयंत्र करके प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 7 लाभार्थियों को दुबारा प्रथम किस्त की धनराशि पचास-पचास हजार तथा 5 लाभार्थियों को दुबारा द्वितीय किस्त की धनराशि डेढ़-डेढ़ लाख एवं 12 ऐसे व्यक्ति जिनका नाम प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के डीपीआर में शामिल नहीं है (आउट आफ डीपीआर) को प्रथम एवं द्वितीय किस्त की धनराशि तथा 3 लाभार्थियों के प्रथम किस्त की धनराशि दूसरे व्यक्ति के खाते में अवमुक्त कर वित्तीय अनियमिता किया। परियोजना अधिकारी डूडा अनिल कुमार वर्मा तथा मुख्य राजस्व अधिकारी रजनीश राय ने संज्ञान में लाने पर सीएलटीसी यशवीर सिंह को नोटिस दिया गया है, किन्तु वह वसूली कार्य के प्रति उदासीन रहे। परियोजना अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि यशवीर सिंह स्थानीय होने के कारण जब मन करता है, आफिस चले आते हैं और जब मन करता है बिना बताए आवास पर चले जाते हैं। वह अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह, मनमाना कार्यशैली के आदी हो चुके हैं। बार-बार निर्देशित किए जाने के बावजूद इनके द्वारा विभिन्न स्तरों से प्राप्त होने वाले परिवादों एवं जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले पत्रों का निस्तारण कार्य लंबित रखतेे है। आवास के लाभार्थियों से प्राप्त पत्रावलियों का परीक्षण एवं रख रखाव सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। वह कंसलटेंट एजेंसी के जेई एवं सर्वेयरों पर दबाव बनाकर उनसे पैसे वसूल करते हैं। जो जेई व सर्वेयर पैसे देने में आनाकानी करता है, उसका जियोटैग निरस्त कर दिया जाता है।
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