{"_id":"6328bb8370092928f242071f","slug":"case-against-kotdar-of-keshavpur-in-black-marketing-of-food-grains-jaunpur-news-vns6750854185","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्यान्न की कालाबाजारी में केशवपुर के कोटेदार के खिलाफ मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्यान्न की कालाबाजारी में केशवपुर के कोटेदार के खिलाफ मुकदमा
विज्ञापन
धर्मापुर। विकास खंड के केशवपुर ग्राम पंचायत में स्थित कोटे की दुकान से खाद्यान कालाबाजारी के मामले में कोटेदार के खिलाफ रविवार की रात में मुकदमा दर्ज कर लिया। यह कार्रवाई पूर्ति निरीक्षक धर्मापुर की तहरीर पर गौराबादशाहपुर थाने की पुलिस ने की। अब इस दुकान को निलंबित किया जाएगा। इसके लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई।
केशवपुर के ग्रामीणों ने बीते दिनों जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत किया था उन्हें खाद्यान्न कम मिलता है। कोटेदार द्वारा सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी कर दी जाती। उसे गंभीरता से लेते हुए आपूर्ति विभाग ने जांच कराया। 17 सितंबर को पूर्ति निरीक्षक धर्मापुर रत्नेश श्रीवास्तव दुकान पर जांच करने के लिए पहुंचे। वहां एक-एक बिंदु पर जांच किए तो पता चला कि 42 क्विंटल खाद्यान्न कम है। ऐसे में उन्होने इस पूरे मामले को उच्चाधिकारियों से अवगत कराया। वहां से मिले निर्देश के बाद रविवार की रात में गौराबादशाहपुर थाने में पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कोटेदार विनय कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूर्ति निरीक्षक रत्नेश श्रीवास्तव ने कहा कि जांच के दौरान स्टॉक कम मिला था। ऐसे में कालाबारी के आरोप में कोटेदार विनय कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब दुकान को निलंबित करने की कार्यवाही की जाएगी। आपूर्ति विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य कोटेदारों में भी हड़कंप मच गया।
2020 में आया था बड़ा मामला
कोरोना काल में गरीबों केे अन्न देने के लिए सरकार ने गरीब अन्न योजना की शुरूआत की। उसमें भी धांधली का मामला प्रकाश में आ चुका है। सबसे चर्चित मामला 2020 का है। जिले में कुल 22 कोटे की दुकानों को निरस्त किया गया था और 23 को निलंबित किया गया था। जब विस्तृत जांच हुई तो करीब 23 लाख रुपये के खाद्यान्न की हेराफेरी की गई थी। उसी आधार पर कार्रवाई हुई थी। कोटेदारों द्वारा सरकारी राशन की कालाबाजारी कामाला अक्सर सामने आता रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केशवपुर के ग्रामीणों ने बीते दिनों जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत किया था उन्हें खाद्यान्न कम मिलता है। कोटेदार द्वारा सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी कर दी जाती। उसे गंभीरता से लेते हुए आपूर्ति विभाग ने जांच कराया। 17 सितंबर को पूर्ति निरीक्षक धर्मापुर रत्नेश श्रीवास्तव दुकान पर जांच करने के लिए पहुंचे। वहां एक-एक बिंदु पर जांच किए तो पता चला कि 42 क्विंटल खाद्यान्न कम है। ऐसे में उन्होने इस पूरे मामले को उच्चाधिकारियों से अवगत कराया। वहां से मिले निर्देश के बाद रविवार की रात में गौराबादशाहपुर थाने में पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कोटेदार विनय कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूर्ति निरीक्षक रत्नेश श्रीवास्तव ने कहा कि जांच के दौरान स्टॉक कम मिला था। ऐसे में कालाबारी के आरोप में कोटेदार विनय कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब दुकान को निलंबित करने की कार्यवाही की जाएगी। आपूर्ति विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य कोटेदारों में भी हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
2020 में आया था बड़ा मामला
कोरोना काल में गरीबों केे अन्न देने के लिए सरकार ने गरीब अन्न योजना की शुरूआत की। उसमें भी धांधली का मामला प्रकाश में आ चुका है। सबसे चर्चित मामला 2020 का है। जिले में कुल 22 कोटे की दुकानों को निरस्त किया गया था और 23 को निलंबित किया गया था। जब विस्तृत जांच हुई तो करीब 23 लाख रुपये के खाद्यान्न की हेराफेरी की गई थी। उसी आधार पर कार्रवाई हुई थी। कोटेदारों द्वारा सरकारी राशन की कालाबाजारी कामाला अक्सर सामने आता रहता है।
विज्ञापन