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कैबिनेट मंत्री और विधायक में तनातनी
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 05 Jun 2016 01:00 AM IST
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शहीद दरोगा के पार्थिव शरीर के पास कुर्सी पर बैठीं उनकी मां और खड़े सदर विधायक नदीम जावेद।
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मथुरा बवाल में शहीद दरोगा संतोष यादव के गांव केवटली में शुक्रवार की रात तकरीबन डेढ़ बजे कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव और सदर विधायक नदीम जावेद के बीच कुछ देर के लिए तनातनी हो गई। कैबिनेट मंत्री ने जहां विधायक पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया, वहीं विधायक ने भी उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया।
दोनों एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे। इस पर आईजी और डीएम ने उन्हें समझाकर शांत कराया। हुआ यूं कि सदर विधायक नदीम जावेद संतोष यादव के पार्थिव शरीर के पास बैठे थे। जबकि कैबिनेट मंत्री अफसरों के साथ दूसरी तरफ बैठे थे।
बाद में मंत्री ने विधायक को अपने पास बैठाने के लिए कुछ लोगों को उन्हें बुलाने के लिए भेजा तो पर विधायक वहीं बैठे रहे। इसके बाद आईजी एसके भगत उन्हें अपने साथ ले आए और मंत्री के पास बैठा दिया। इसके थोड़ी देर बाद ही मंत्री और विधायक में कहासुनी शुरू हो गई।
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माहौल गरम होते देख आईजी, डीएम ने हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग-अलग कर के शांत कराया। विधायक भी मौके से हटे नहीं और सुबह तक ग्रामीणों के बीच ही बैठे रहे। उधर कैबिनेट मंत्री भी अधिकारियों के साथ जमे रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से भी इस दौरान बातचीत की।
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दोनों एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे। इस पर आईजी और डीएम ने उन्हें समझाकर शांत कराया। हुआ यूं कि सदर विधायक नदीम जावेद संतोष यादव के पार्थिव शरीर के पास बैठे थे। जबकि कैबिनेट मंत्री अफसरों के साथ दूसरी तरफ बैठे थे।
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बाद में मंत्री ने विधायक को अपने पास बैठाने के लिए कुछ लोगों को उन्हें बुलाने के लिए भेजा तो पर विधायक वहीं बैठे रहे। इसके बाद आईजी एसके भगत उन्हें अपने साथ ले आए और मंत्री के पास बैठा दिया। इसके थोड़ी देर बाद ही मंत्री और विधायक में कहासुनी शुरू हो गई।
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माहौल गरम होते देख आईजी, डीएम ने हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग-अलग कर के शांत कराया। विधायक भी मौके से हटे नहीं और सुबह तक ग्रामीणों के बीच ही बैठे रहे। उधर कैबिनेट मंत्री भी अधिकारियों के साथ जमे रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से भी इस दौरान बातचीत की।