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अयोग्य लोग जांच रहे थे बोर्ड परीक्षा की कॉपियां
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:52 AM IST
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बीआरपी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र की जांच करने पहुंचे डीएम भानुचंद्र गोस्वामी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन अयोग्य लोगों से कराया जा रहा है। सोमवार को डीएम की छापेमारी में दो मूल्यांकन केंद्रों पर 10 ऐसे परीक्षक मिले, जिन्हें बोर्ड से मूल्यांकन के लिए पत्र ही जारी नहीं किया गया था। डीएम ने कहा है कि इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। डीएम ने सभी छह मूल्यांकन केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी है।
डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को शिकायत मिली थी कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अयोग्य लोगों से कराया जा रहा है। डीएम सोमवार को बीआरपी इंटर कॉलेज और जनक कुमारी इंटर कॉलेज पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। दोनों केंद्रों पर 20 संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें से 10 ऐसे लोग मिले जो मूल्यांकन कार्य करने के योग्य नहीं थे।
इन्हें बोर्ड से मूल्यांकन के लिए पत्र जारी नहीं किया गया था। बीआरपी इंटर कॉलेज केंद्र के उप नियंत्रक सुभाष सिंह का कहना है कि यदि बोर्ड से नियुक्त शिक्षक मूल्यांकन के लिए नहीं आते हैं तो उप नियंत्रक को अपने स्तर से परीक्षक लगाने का अधिकार है। डीएम ने कहा है कि मजिस्ट्रेट की निगरानी में अधिकृत शिक्षक ही मूल्यांकन करेंगे।
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बोर्ड की कापियों के मूल्यांकन के लिए नियम है बाहर के जिलों से जितनी कापियां मूल्यांकन के लिए आई हैं उसका डिटेल हर दिन सूचना पर अंकित किया जाए। लेकिन मूल्यांकन केंद्रों पर इसका अनुपालन नहीं किया जाता है। कापियां दबाकर रख ली जाती हैं। बाद में उसे आधे दाम देकर किसी शिक्षक से जंचवा लिया जाता है। कापी खत्म नहीं होती हैं उससे पहले ही यह घोषणा कर दी जाती है कि कापी खत्म हो गई है। जबकि कोठार में कापियां डंप रहती हैं।
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डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को शिकायत मिली थी कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अयोग्य लोगों से कराया जा रहा है। डीएम सोमवार को बीआरपी इंटर कॉलेज और जनक कुमारी इंटर कॉलेज पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। दोनों केंद्रों पर 20 संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें से 10 ऐसे लोग मिले जो मूल्यांकन कार्य करने के योग्य नहीं थे।
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इन्हें बोर्ड से मूल्यांकन के लिए पत्र जारी नहीं किया गया था। बीआरपी इंटर कॉलेज केंद्र के उप नियंत्रक सुभाष सिंह का कहना है कि यदि बोर्ड से नियुक्त शिक्षक मूल्यांकन के लिए नहीं आते हैं तो उप नियंत्रक को अपने स्तर से परीक्षक लगाने का अधिकार है। डीएम ने कहा है कि मजिस्ट्रेट की निगरानी में अधिकृत शिक्षक ही मूल्यांकन करेंगे।
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बोर्ड की कापियों के मूल्यांकन के लिए नियम है बाहर के जिलों से जितनी कापियां मूल्यांकन के लिए आई हैं उसका डिटेल हर दिन सूचना पर अंकित किया जाए। लेकिन मूल्यांकन केंद्रों पर इसका अनुपालन नहीं किया जाता है। कापियां दबाकर रख ली जाती हैं। बाद में उसे आधे दाम देकर किसी शिक्षक से जंचवा लिया जाता है। कापी खत्म नहीं होती हैं उससे पहले ही यह घोषणा कर दी जाती है कि कापी खत्म हो गई है। जबकि कोठार में कापियां डंप रहती हैं।