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एक लाख छात्रों का फंसेगा रिजल्ट
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 16 Apr 2016 06:22 PM IST
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल के सत्र 2015-16 की मुख्य परीक्षा में शामिल हुए करीब एक लाख छात्रों का रिजल्ट फंसेगा। परीक्षा फीस नहीं जमा करने से कालेजों की गर्दन फंस गई है।
कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों का परीक्षा आवेदन तो जमा कर लिया था, लेकिन अब रिजल्ट पाने के लिए पहले परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय को जमा करना होगा।
परीक्षा फीस नहीं देने वाले कालेज के छात्रों का परीक्षा फार्म शपथ पत्र देने के बाद ही विश्वविद्यालय ने जमा किया था। सत्र 2015-16 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों का दाखिला कालेजों ने शून्य बैलेंस पर ले लिया।
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कालेजों ने इस आधार पर दाखिला ले लिया की शासन से फीस आने के बाद वह छात्रों से वसूल लेंगे। जब कालेजों ने परीक्षा फीस विवि में जमा नहीं किया तो विवि ने परीक्षा फार्म लेने से इनकार कर दिया। परीक्षा फंसते देख कालेज कोर्ट पहुंच गए।
कोर्ट ने विवि को आदेश दिया कि छात्रों का परीक्षा फार्म जमा कराकर उन्हें परीक्षा में शामिल कर लिया जाए। कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म जमा कर लिया और छात्रों की परीक्षा भी करा दी।
जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ और इलाहाबाद के 200 कालेज ऐसेे थे, जिनके छात्रों की परीक्षा शुल्क नहीं जमा हुआ। विवि से दबाव बढ़ने पर 50 से अधिक कालेजों ने छात्रों की परीक्षा फीस जमा कर दिया। बावजूद इसके करीब डेढ़ सौ कालेज ऐसे हैं जिनमें दाखिला लेने वाले छात्रों की फीस अभी तक जमा हुई।
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कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों का परीक्षा आवेदन तो जमा कर लिया था, लेकिन अब रिजल्ट पाने के लिए पहले परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय को जमा करना होगा।
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परीक्षा फीस नहीं देने वाले कालेज के छात्रों का परीक्षा फार्म शपथ पत्र देने के बाद ही विश्वविद्यालय ने जमा किया था। सत्र 2015-16 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों का दाखिला कालेजों ने शून्य बैलेंस पर ले लिया।
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कालेजों ने इस आधार पर दाखिला ले लिया की शासन से फीस आने के बाद वह छात्रों से वसूल लेंगे। जब कालेजों ने परीक्षा फीस विवि में जमा नहीं किया तो विवि ने परीक्षा फार्म लेने से इनकार कर दिया। परीक्षा फंसते देख कालेज कोर्ट पहुंच गए।
कोर्ट ने विवि को आदेश दिया कि छात्रों का परीक्षा फार्म जमा कराकर उन्हें परीक्षा में शामिल कर लिया जाए। कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म जमा कर लिया और छात्रों की परीक्षा भी करा दी।
जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ और इलाहाबाद के 200 कालेज ऐसेे थे, जिनके छात्रों की परीक्षा शुल्क नहीं जमा हुआ। विवि से दबाव बढ़ने पर 50 से अधिक कालेजों ने छात्रों की परीक्षा फीस जमा कर दिया। बावजूद इसके करीब डेढ़ सौ कालेज ऐसे हैं जिनमें दाखिला लेने वाले छात्रों की फीस अभी तक जमा हुई।