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Jaunpur News: बैंकों में हड़ताल से 150 करोड़ का लेन-देन प्रभावित
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हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते बैंककर्मी। स्वयं
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते जिले के ज्यादातर सरकारी बैंकों में कामकाज ठप रहा और शाखाओं में ताले लटके रहे। हड़ताल से करीब 150 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
बैंक बंद होने से ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, सभी पात्र कर्मचारियों को परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) का लाभ देना और यूनियनों से बातचीत कर पीएलआई योजना में जरूरी सुधार करना शामिल है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर वित्त मंत्रालय और इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर निर्णय नहीं लिया गया है।
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भारतीय स्टेट बैंक जौनपुर के क्षेत्रीय सचिव सौरभ उपाध्याय ने बताया कि इसी मांग को लेकर 27 जनवरी को भी एक दिवसीय हड़ताल की गई थी। ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर कर्मचारियों को फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। सहायक महामंत्री भारतीय स्टेट बैंक इंद्र कुमार कथूरिया ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग के अलावा पीएलआई योजना में भेदभाव खत्म करने की मांग की जा रही है। उनके अनुसार योजना के तहत बैंक के मुनाफे से कर्मचारियों और स्केल तीन तक के अधिकारियों को 15 दिन के वेतन के बराबर इंसेंटिव दिया गया, जबकि स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों को 365 दिन के मूल वेतन के बराबर इंसेंटिव देने का प्रावधान किया गया है। इसे कर्मचारियों ने भेदभावपूर्ण बताया है।
उन्होंने बताया कि बैंक कर्मी अब 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन में पार्थ, सुजीत, अनुराग, अमरेश मिश्रा, सुदीप मौर्य, प्रतीक सिंह, आर्यन सिंह, अर्पित, पंकज, श्रवण और जहीर अब्बास समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे। महिला कर्मचारियों में गीतिका, सोनम, शिवांगी और रौनक अफरोज आदि मौजूद रहीं।
बैंकों की हड़ताल से लेनदेन प्रभावित, उपभोक्ता परेशान: मड़ियाहूं। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। शाखाओं में ताले लटके रहने से नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी कार्य समेत कई सेवाएं प्रभावित हुईं। जरूरी काम से बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। हड़ताल से व्यापारियों, पेंशनरों और अन्य ग्राहकों को भी परेशानी हुई। हालांकि एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहने से कुछ लोगों ने ऑनलाइन लेनदेन और एटीएम के जरिए जरूरत पूरी की। बैंक यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती, पेंशन संबंधी सुधार समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था।
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बैंक बंद होने से ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, सभी पात्र कर्मचारियों को परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) का लाभ देना और यूनियनों से बातचीत कर पीएलआई योजना में जरूरी सुधार करना शामिल है।
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कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर वित्त मंत्रालय और इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर निर्णय नहीं लिया गया है।
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भारतीय स्टेट बैंक जौनपुर के क्षेत्रीय सचिव सौरभ उपाध्याय ने बताया कि इसी मांग को लेकर 27 जनवरी को भी एक दिवसीय हड़ताल की गई थी। ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर कर्मचारियों को फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। सहायक महामंत्री भारतीय स्टेट बैंक इंद्र कुमार कथूरिया ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग के अलावा पीएलआई योजना में भेदभाव खत्म करने की मांग की जा रही है। उनके अनुसार योजना के तहत बैंक के मुनाफे से कर्मचारियों और स्केल तीन तक के अधिकारियों को 15 दिन के वेतन के बराबर इंसेंटिव दिया गया, जबकि स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों को 365 दिन के मूल वेतन के बराबर इंसेंटिव देने का प्रावधान किया गया है। इसे कर्मचारियों ने भेदभावपूर्ण बताया है।
उन्होंने बताया कि बैंक कर्मी अब 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन में पार्थ, सुजीत, अनुराग, अमरेश मिश्रा, सुदीप मौर्य, प्रतीक सिंह, आर्यन सिंह, अर्पित, पंकज, श्रवण और जहीर अब्बास समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे। महिला कर्मचारियों में गीतिका, सोनम, शिवांगी और रौनक अफरोज आदि मौजूद रहीं।
बैंकों की हड़ताल से लेनदेन प्रभावित, उपभोक्ता परेशान: मड़ियाहूं। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। शाखाओं में ताले लटके रहने से नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी कार्य समेत कई सेवाएं प्रभावित हुईं। जरूरी काम से बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। हड़ताल से व्यापारियों, पेंशनरों और अन्य ग्राहकों को भी परेशानी हुई। हालांकि एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहने से कुछ लोगों ने ऑनलाइन लेनदेन और एटीएम के जरिए जरूरत पूरी की। बैंक यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती, पेंशन संबंधी सुधार समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था।