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Jaunpur News: अक्षय तृतीया पर पूरे दिन शुभ मुहूर्त, दिन भर करें खरीदारी
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जौनपुर। हिंदू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर शुक्रवार को मनाई जाती है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन पूजा-पाठ, दान, स्नान और शुभ कार्य करने से उनका फल अक्षय ही रहता है। शुक्रवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर दिन भर शुभ मुहूर्त रहेगा। लोग जम कर खरीदारी कर सकते हैं।
ज्योतिष एवं तंत्र के आचार्य डाॅ. शैलेश मोदनवाल बताते हैं कि काल पुरुष की कुंडली में द्वितीय भाव का कारक गुरु होता है और दूसरे नंबर की राशि वृष पड़ती है। वृष राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र को धन, वैभव व भोग का अधिष्ठाता कहा गया है। मां लक्ष्मी इनकी देवी हैं। मां लक्ष्मी स्वर्ण स्वरूपा है। श्री, धन, समृद्धि के बिना जीवन संचालित नहीं हो सकता। रोटी, कपड़ा, मकान, दवा समेत जीवन की सभी आवश्यकताएं मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से ही पूर्ण होती हैं। दुर्गा सप्तशती में मां लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए उनका स्तवन किया गया है। बाकल शाखा के ऋग्वेद के पांचवें मंडल में देवी लक्ष्मी की स्तुति श्री सूक्त के मंत्रों से की गई है। अक्षय तृतीया अक्षय मुहूर्त है। इस दिन स्वर्ण आभूषण को क्रय करके घर पर लाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जातक के धन श्री समृद्धि में वृद्धि होती है साथ ही घर में खुशहाली आती है।
शुभ मुहूर्त
पंडित मुरारी श्याम पांडेय का कहना है कि वैसे तो अक्षय तृतीया अभिजित मुहूर्त है। पूरे दिन सुबह से लेकर शाम तक खरीदारी कर सकते हैं। आदित्य पंचांग और गणेश आपा पंचांग के अनुसार दिन में 12.33 बजे के बाद अमृत योग मिल रहा है, जो पूरे दिन भर रहेगा। कहते हैं शुभ मुहूर्त में यदि वस्तुएं खऱीदी जाएं तो जातकों के लिए शुभ फलदायी होता है और जीवन की हर परेशानियां खत्म होती हैं। साथ ही दिन में 12.23 बजे के बाद रवि योग भी प्राप्त होगा अर्थात इस मुहूर्त के प्राप्त होने के पश्चात पूरे दिन आभूषण, स्वर्ण धातु, वाहन, भूमि आदि खरीदी जा सकती है।
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ज्योतिष एवं तंत्र के आचार्य डाॅ. शैलेश मोदनवाल बताते हैं कि काल पुरुष की कुंडली में द्वितीय भाव का कारक गुरु होता है और दूसरे नंबर की राशि वृष पड़ती है। वृष राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र को धन, वैभव व भोग का अधिष्ठाता कहा गया है। मां लक्ष्मी इनकी देवी हैं। मां लक्ष्मी स्वर्ण स्वरूपा है। श्री, धन, समृद्धि के बिना जीवन संचालित नहीं हो सकता। रोटी, कपड़ा, मकान, दवा समेत जीवन की सभी आवश्यकताएं मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से ही पूर्ण होती हैं। दुर्गा सप्तशती में मां लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए उनका स्तवन किया गया है। बाकल शाखा के ऋग्वेद के पांचवें मंडल में देवी लक्ष्मी की स्तुति श्री सूक्त के मंत्रों से की गई है। अक्षय तृतीया अक्षय मुहूर्त है। इस दिन स्वर्ण आभूषण को क्रय करके घर पर लाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जातक के धन श्री समृद्धि में वृद्धि होती है साथ ही घर में खुशहाली आती है।
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शुभ मुहूर्त
पंडित मुरारी श्याम पांडेय का कहना है कि वैसे तो अक्षय तृतीया अभिजित मुहूर्त है। पूरे दिन सुबह से लेकर शाम तक खरीदारी कर सकते हैं। आदित्य पंचांग और गणेश आपा पंचांग के अनुसार दिन में 12.33 बजे के बाद अमृत योग मिल रहा है, जो पूरे दिन भर रहेगा। कहते हैं शुभ मुहूर्त में यदि वस्तुएं खऱीदी जाएं तो जातकों के लिए शुभ फलदायी होता है और जीवन की हर परेशानियां खत्म होती हैं। साथ ही दिन में 12.23 बजे के बाद रवि योग भी प्राप्त होगा अर्थात इस मुहूर्त के प्राप्त होने के पश्चात पूरे दिन आभूषण, स्वर्ण धातु, वाहन, भूमि आदि खरीदी जा सकती है।
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