फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Atul Subhash Suicide Case on facing harassment from his wife and not getting justice Know Full Story

Atul Subhash Suicide: 'शव के पास भी न आए पत्नी, गटर में बहा दें अस्थियां', जौनपुर के दामाद ने क्यों कहा ऐसा?

Wed, 11 Dec 2024 02:36 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 11 Dec 2024 02:36 PM IST
सार

Atul Subhash News : अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला सुर्खियों में है। जौनपुर से लेकर बंगलूरू और पूरे देश में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच अतुल के सुसाइड नोट से एक-एक कर खुलासे हो रहे हैं।

विज्ञापन
Atul Subhash Suicide Case on facing harassment from his wife and not getting justice Know Full Story
अतुल सुभाष की खुदकुशी का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुसाइड नोट में जौनपुर की परिवार अदालत की एक सुनवाई का भी अतुल सुभाष ने जिक्र किया है। इसमें पत्नी के ताने, उसका आत्महत्या के लिए उकसाना और जज की ओर से रुपये मांगने का जिक्र किया गया है। अतुल ने लिखा कि वह कोर्ट की तारीखों और भ्रष्टाचार से तंग आ गए थे, तो उन्होंने आत्महत्या का रास्ता चुना।

विज्ञापन


पत्नी ने कहा था- मर क्यों नहीं जाते
अतुल ने वीडियो में बताया कि उन्होंने जज रीता कौशिक के समक्ष जब बताया कि उनकी पत्नी ने झूठे मामले दर्ज किए हैं, तो जज ने कहा, तो क्या हुआ? वह आपकी पत्नी है और यह आम बात है। अतुल ने कहा कि झूठे मामलों के कारण कई लोग मर जाते हैं, तो बीच में पत्नी निकिता ने कहा कि आप भी ऐसा क्यों नहीं करते? इस पर जज ने जोर से ठहाका लगाया। अतुल ने लिखा, पत्नी ने ही मुझे सही रास्ता दिखाया। मर जाना ही इन सब का अंत है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

पहले एक करोड़ की फिर तीन करोड़ की मांग की

अतुल ने बताया कि उनकी पत्नी ने शुरू में 1 करोड़ रुपये की मांग की, बाद में मांग बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये कर दी। अतुल ने सुसाइड नोट में लिखा कि उनके खिलाफ 9 मामलों में छह के मुकदमे ट्रायल कोर्ट और तीन हाईकोर्ट में थे। दो साल में कोर्ट की 120 तारीखें लगीं जिससे पूरी तरह टूट गया। जौनपुर परिवार अदालत की जज रीता कौशिक और उनके स्टाफ ने मामला निपटाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत भी मांगी। अतुल ने लिखा, इस सिस्टम ने मुझे न्याय नहीं दिया, मेरा फैसला बाकी है।

'शव के पास भी ना आ पाए पत्नी'
अतुल ने सुसाइड नोट में अपनी कुछ अंतिम इच्छाएं भी लिखीं। उन्होंने साफ किया कि मरने के बाद पत्नी और उसके परिवार वालों को शव के पास भी नहीं आने दिया जाए। बेटे की कस्टडी उनके माता पिता को दी जाए, क्योंकि पत्नी उसे अच्छे संस्कार देकर नहीं पाल सकती। अतुल ने लिखा कि उनकी अस्थियों का विसर्जन तब तक नहीं किया जाए जब तक उनकी पत्नी और उसके परिजनों को सजा नहीं हो जाती। ये भी लिखा कि अगर उन्हें सजा न हो तो उनकी अस्थियों को अदालत के बाहर गटर में ही बहा दिया जाए। अतुल ने यूपी के मुकाबले कर्नाटक की अदालतों पर अधिक भरोसा जताया और आगे पत्नी के खिलाफ बंगलूरू की अदालत में मुकदमा चलाने की मांग की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed