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Jaunpur News: मौसम गर्म होते ही बढ़ने लगे कंजक्टिवाइटिस के मरीज
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जौनपुर। मौसम गर्म होना शुरू हो गया है। इसके साथ ही एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में भी हर रोज 8 से 10 मरीज आ रहे हैं। मरीजों की आंख लाल होने के साथ ही सूजने लग रही हैं। खुजली की परेशानी हो रही है।
डाक्टरों की माने तो कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे बदला रहा मौसम जिम्मेदार है। गर्मी और उमस में वायरस में म्यूटेशन की संभावना भी होती है। कंजक्टिवाइटिस के संक्रमण को ठीक होने में एक-दो सप्ताह लगते हैं। मानसून सीजन में आंखों में संक्रमण के मामले तेज हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इन मरीजों को एंटीबायोटिक देने की जरूरत पड़ती है। इस बीमारी में खुद से कोई ड्राॅप या दवा न लें। चिकित्सक की सलाह पर ही इलाज कराएं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि फ्लू के लक्षण होने पर खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। ऐसे में बच्चों को स्कूल न भेजें, साथ ही लोगों को कार्यालय भी जाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि संक्रमण अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। कंजक्टिवाइटिस का सबसे आम लक्षण आंखों का लाल होना है, आंखों में खुजली, जलन और अधिक पानी बहन होता है।
कंजक्टिवाइटिस के लक्षण-डा. वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि किसी की आंखें लाल दिखाई देना, आंखों में जलन होना, आंखों में खुजली होना, असामान्य रूप से आंसू निकलना, आंखों में किरकिरी महसूस होना और सूजन आना इसके प्रमुख हैं। इस तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डाक्टर से सलाह लेकर इलाज शुरू कर देना चाहिए।
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इन बातों का रखें ध्यान-कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, संक्रमित मरीज का रुमाल, तौलिया आदि का उपयोग करने से बचना चाहिए, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें, अगर घर में कोई संक्रमित है तो उसे आइसोलेट कर दें, धूल, केमिकल और तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए, आंखों पर काला चश्मा लगाएं, भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए।
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डाक्टरों की माने तो कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे बदला रहा मौसम जिम्मेदार है। गर्मी और उमस में वायरस में म्यूटेशन की संभावना भी होती है। कंजक्टिवाइटिस के संक्रमण को ठीक होने में एक-दो सप्ताह लगते हैं। मानसून सीजन में आंखों में संक्रमण के मामले तेज हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इन मरीजों को एंटीबायोटिक देने की जरूरत पड़ती है। इस बीमारी में खुद से कोई ड्राॅप या दवा न लें। चिकित्सक की सलाह पर ही इलाज कराएं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि फ्लू के लक्षण होने पर खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। ऐसे में बच्चों को स्कूल न भेजें, साथ ही लोगों को कार्यालय भी जाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि संक्रमण अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। कंजक्टिवाइटिस का सबसे आम लक्षण आंखों का लाल होना है, आंखों में खुजली, जलन और अधिक पानी बहन होता है।
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कंजक्टिवाइटिस के लक्षण-डा. वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि किसी की आंखें लाल दिखाई देना, आंखों में जलन होना, आंखों में खुजली होना, असामान्य रूप से आंसू निकलना, आंखों में किरकिरी महसूस होना और सूजन आना इसके प्रमुख हैं। इस तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डाक्टर से सलाह लेकर इलाज शुरू कर देना चाहिए।
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इन बातों का रखें ध्यान-कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, संक्रमित मरीज का रुमाल, तौलिया आदि का उपयोग करने से बचना चाहिए, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें, अगर घर में कोई संक्रमित है तो उसे आइसोलेट कर दें, धूल, केमिकल और तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए, आंखों पर काला चश्मा लगाएं, भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए।