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Jaunpur News: बारिश शुरू होते ही सताने लगता है डेंगू का डर
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जौनपुर। बारिश शुरू होते ही डेंगू संक्रमण का डर सभी को सताने लगता है। मौसम में हर साल देखने को मिलता है कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। 2022 में जिले में डेंगू के 1160 और मलेरिया के 6 मरीज मिले थे। जिला मुख्यालय के साथ बदलापुर सबसे संक्रमित क्षेत्र रहा था।
बारिश के मौसम में पानी जमा होने की संभावना बढ़ जाती है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। एडीज मच्छर, जो डेंगू वायरस फैलाते हैं, साफ, ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। मानसून का मौसम अपने साथ बारिश की फुहारें और सुहानी ठंडक लेकर आता है, वहीं यह डेंगू जैसे मच्छर जनित रोगों का खतरा भी बढ़ा देता है। यह खतरा हर साल देखने को मिलता है, जहां मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
2022 सबसे अधिक संक्रमित साल रहा -डीएमओ डाॅ. सुनील कुमार यादव ने बताया कि डेंगू के मामले में वर्ष 2022 सबसे अधिक संक्रमित साल रहा। जिले में डेंगू के 1160 और मलेरिया के 6 मरीज मिले थे। 2020 में डेंगू के 21 और मलेरिया के 12, 2021 में डेंगू के 161 और मलेरिया के 12 मरीज, 2022 में डेंगू के 1160 और मलेरिया के 6 मरीज, 2023 में डेंगू के 868 और डेंगू के 9 मरीज, 2024 में डेंगू के 626 और मलेरिया के 4 मरीज मिले थे। 2025 में अब तक डेंगू के कुल 7 मरीज मिल चुके हैं। एडीस मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। शुरुआत में मामूली बुखार, तेज सिरदर्द और जोड़ों में असहनीय दर्द के साथ शुरू हो सकता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
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डेंगू से ऐसे करें बचाव -डीएमओ डाॅ. सुनील कुमार यादव ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे बडा हथियार हैं। डेंगू का सबसे बड़ा कारण एडीस मच्छर है, जो दिन में काटता है और साफ, रुके हुए पानी में पैदा होते हैं। घर के आसपास मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें। सुबह और शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर घर में न घुसें। मच्छर भगाने वाली कॉइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का भी उपयोग कर सकते हैं।
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बारिश के मौसम में पानी जमा होने की संभावना बढ़ जाती है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। एडीज मच्छर, जो डेंगू वायरस फैलाते हैं, साफ, ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। मानसून का मौसम अपने साथ बारिश की फुहारें और सुहानी ठंडक लेकर आता है, वहीं यह डेंगू जैसे मच्छर जनित रोगों का खतरा भी बढ़ा देता है। यह खतरा हर साल देखने को मिलता है, जहां मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
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2022 सबसे अधिक संक्रमित साल रहा -डीएमओ डाॅ. सुनील कुमार यादव ने बताया कि डेंगू के मामले में वर्ष 2022 सबसे अधिक संक्रमित साल रहा। जिले में डेंगू के 1160 और मलेरिया के 6 मरीज मिले थे। 2020 में डेंगू के 21 और मलेरिया के 12, 2021 में डेंगू के 161 और मलेरिया के 12 मरीज, 2022 में डेंगू के 1160 और मलेरिया के 6 मरीज, 2023 में डेंगू के 868 और डेंगू के 9 मरीज, 2024 में डेंगू के 626 और मलेरिया के 4 मरीज मिले थे। 2025 में अब तक डेंगू के कुल 7 मरीज मिल चुके हैं। एडीस मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। शुरुआत में मामूली बुखार, तेज सिरदर्द और जोड़ों में असहनीय दर्द के साथ शुरू हो सकता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
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डेंगू से ऐसे करें बचाव -डीएमओ डाॅ. सुनील कुमार यादव ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे बडा हथियार हैं। डेंगू का सबसे बड़ा कारण एडीस मच्छर है, जो दिन में काटता है और साफ, रुके हुए पानी में पैदा होते हैं। घर के आसपास मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें। सुबह और शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर घर में न घुसें। मच्छर भगाने वाली कॉइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का भी उपयोग कर सकते हैं।