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मलेरिया से निबटने के लिए नहीं हैं इंतजाम

Fri, 28 Jun 2019 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:24 AM IST
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Arrangements are not to deal with malaria
04-लाईन बाजार रोड के भदेसर मोहल्ले में जमा पानी जिससे बढ़ रहा संक्रमण । कैमरे की फोटो। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पहली बारिश में ही गड्ढों में पानी भर गया है और सड़ने लगा है। अब मच्छर पनपेंगे और मलेरिया, डेंगू फैलेगा। यह बात जानते हुए स्वास्थ्य महकमा उदासीन बना हुआ है। जून महीने में कुल 6336 रोगियों की जांच की गई थी, जिसमें छह लोगों में मलेरिया पाया गया था। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा ने कोई तैयारी नहीं की है।
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बरसात में डेंगू और मलेरिया जैसी वैक्टर बार्न (मच्छर, मक्खी जनित) बीमारियां फैलती हैं। इसकी शुरुआत भी हो गई लेकिन स्वास्थ्य महकमा न तो लोगों को जागरूक कर रहा और न ही मच्छर मार दवाओं का छिड़काव कराने की कोई तैयारी है। पहली बारिश में ही शहर के कई मुहल्लों में गड्ढों में पानी जमा हो गया है। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं। कूलर, छतों और टायर आदि में जमा पानी में पैदा होते हैँ। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के लार्वा की जांच करने की बात कही थी। यह भी कहा था कि लार्वा पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कर्रवाई की जाएगी। मगर यह सिर्फ चेतावनी भर थी। कहीं कोई जांच नहीं कराई गई। डेंगू के रोगियों के इलाज के लिए प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। जिले के अस्पतालों में जांच किट और प्लाज्मा की जिले में कोई खास इंतजाम नहीं है।
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डेंगू बुखार के लक्षण
जौनपुर। डेंगू मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी मुख्य रूप से एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है। डेेंगू रोगी को बुखार और बदन दर्द होता है। शुरुआत में लोग इसे सामान्य बुखार या अन्य कोई बीमारी समझकर गलत इलाज करते हैं। जिससे मरीज की हालत और ज्यादा खराब होती जाती है। डेंगू के बुखार में त्वचा ठंडी पड़ जाती है, शरीर पर लाल-गुलाबी चकत्ते पड़ जाते हैं।
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मच्छरों से कैसे करें बचाव
जौनपुर। मच्छर से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरुर लगाना चाहिए। सोते समय फूल अस्तीन के कपड़े पहनना चाहिए। मच्छरों से बचाव के लिए ग्रामीण इलाकों में नीम की पत्ती का धुंआ लाभकारी साबित होता है। आस पास सफाई रखे। घर के आस पास यदि गड्डे हो तो उसे मिट्टी से पाट देना चाहिए। यदि पानी जमा होता है तो उसमें मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ मोबिल डाल देना चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक जुलाई से 31 तक जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह चलेगा।
एक जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली निकाल कर टीवी अस्पताल तक जाएगी। यहां गोष्ठी का आयोजन क सभी मलेरिया से बचाव के लिए जागरुक किया जाएगा। संक्रामक रोग कंट्रोल रूम अभी नहीं बनाया गया है। विद्यालयों में प्रार्थना के समय बच्चों को सफाई के लिए जागरूक किया जाएगा। जिसमें संक्रामक बीमारियों के लिए जागरूक किया जाएगा।
डा. रामजी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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