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Jaunpur News: समय से नहीं पहुंची एंबुलेंस, नवजात की मौत
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सिरकोनी क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेहरू नगर में शुक्रवार की शाम पैदा हुए नवजात शिशु की मौत समय पर एंबुलेंस न पहुंचने के कारण हो गई। हालत खराब होने पर सूचना के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। एंबुलेंस चालक बार-बार लोकेशन ही पूछता रहा। परिजनों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
लाइन बाजार क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी विशाल कुमार गौतम की पत्नी कंचन का प्रसव होना था। आशा कार्यकर्ता के माध्यम से वह एक निजी वाहन से आनन-फानन नेहरू नगर सीएचसी पहुंची। बच्चा पूर्ण स्वस्थ पैदा नहीं हुआ। बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। शाम चार बजे परिजनों ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई। जो कि दो घंटे बाद भी नहीं पहुंची। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस का ड्राइवर बार-बार लोकेशन पूछता रहा। बताने के बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंच पाया। मजबूरन अमित अपने पिता संग नवजात को लेकर बाइक से जिला अस्पताल गया। सीएचसी से दो किलोमीटर दूर कबूलपुर के पास पहुंचे थे कि बच्चे के शरीर में हरकत बंद हो गई। इसे देख दोनाें पुन: सीएचसी लौट आए। यहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घाेषित कर दिया। शाम छह बजे वही एंबुलेंस, जिसे कॉल कर बुलाया गया था, उसी ने उन लोगों को घर पहुंचाया। अमित और उनके परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। अगर एंबुलेंस समय पर पहुंचती तो बच्चा आज जिंदा होता।
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लाइन बाजार क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी विशाल कुमार गौतम की पत्नी कंचन का प्रसव होना था। आशा कार्यकर्ता के माध्यम से वह एक निजी वाहन से आनन-फानन नेहरू नगर सीएचसी पहुंची। बच्चा पूर्ण स्वस्थ पैदा नहीं हुआ। बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। शाम चार बजे परिजनों ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई। जो कि दो घंटे बाद भी नहीं पहुंची। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस का ड्राइवर बार-बार लोकेशन पूछता रहा। बताने के बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंच पाया। मजबूरन अमित अपने पिता संग नवजात को लेकर बाइक से जिला अस्पताल गया। सीएचसी से दो किलोमीटर दूर कबूलपुर के पास पहुंचे थे कि बच्चे के शरीर में हरकत बंद हो गई। इसे देख दोनाें पुन: सीएचसी लौट आए। यहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घाेषित कर दिया। शाम छह बजे वही एंबुलेंस, जिसे कॉल कर बुलाया गया था, उसी ने उन लोगों को घर पहुंचाया। अमित और उनके परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। अगर एंबुलेंस समय पर पहुंचती तो बच्चा आज जिंदा होता।
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