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Jaunpur News: छह घंटे देर से पहुंची एंबुलेंस, तड़प कर मरीज ने तोड़ा दम
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केराकत। इमरजेंसी हालत में पड़े मरीज के लिए परिजनों को सरकारी एम्बुलेंस का इंतजार करना मंहगा पड़ गया। आखिरकार सीएचसी पर मरीज ने तड़प कर दम तोड़ दिया। एंबुलेंस को पहले घर से सीएचसी लाने में चार घंटे की देरी हुई फिर अस्पताल से बीएचयू ले जाने में दो घंटे के देरी हुई। मरीज की मौत होने पर परिजनों ने सीएचसी में ही हंगामा कर विरोध जताया।
नाऊपुर निवासी जयप्रकाश राजभर (45) के भतीजे सतीश राजभर (35) ने बताया कि उसके चाचा को लीवर इंफेक्शन व सांस लेने की तकलीफ थी। सुबह सात बजे सतीश ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर काल किया, काल के चार घंटे बाद एंबुलेंस उसके घर पहुंची। इसके बाद परिजन जयप्रकाश को उस एंबुलेस से लेकर सीएचसी पंहुचे। जहां पर डाॅ. अंकित श्रीवास्तव ने मरीज की हालत को देखते हुए उसे बीएचयू रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस चालक ने आगे जाने से इनकार कर दिया। कहा कि उसे कहीं और की बुकिंग मिली है। इस पर परिजनों और चिकित्सक ने दूसरे एम्बुलेंस के लिए 108 पर डायल किए, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आई। मरीज के परिजनों का आरोप है कि सीएससी परिसर में पहले से ही तीन एम्बुलेंस मौजूद थी। सीएचसी पर मौजूद एक डॉ. ने खुद फोन कर एम्बुलेंस से जल्द पहुंचने की अपील की, इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। दो घंटे बाद जब दूसरी एंबुलेंस सीएचसी परिसर पंहुची तब तक मरीज दम तोड़ चुका था। मौके की नजाकत को देख एंबुलेंस चालक परिजन सहित शव को घर पहुंचा दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक अरुण कनौजिया ने कहा कि उस समय वो मीटिंग में थे इसलिए मामले की जानकारी नहीं हो पाई, वैसे भी एंबुलेंस की व्यवस्था उनके कार्य क्षेत्र में नहीं आता है उसे दूसरी संस्था संचालित करती है।
मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। - डॉ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ
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नाऊपुर निवासी जयप्रकाश राजभर (45) के भतीजे सतीश राजभर (35) ने बताया कि उसके चाचा को लीवर इंफेक्शन व सांस लेने की तकलीफ थी। सुबह सात बजे सतीश ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर काल किया, काल के चार घंटे बाद एंबुलेंस उसके घर पहुंची। इसके बाद परिजन जयप्रकाश को उस एंबुलेस से लेकर सीएचसी पंहुचे। जहां पर डाॅ. अंकित श्रीवास्तव ने मरीज की हालत को देखते हुए उसे बीएचयू रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस चालक ने आगे जाने से इनकार कर दिया। कहा कि उसे कहीं और की बुकिंग मिली है। इस पर परिजनों और चिकित्सक ने दूसरे एम्बुलेंस के लिए 108 पर डायल किए, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आई। मरीज के परिजनों का आरोप है कि सीएससी परिसर में पहले से ही तीन एम्बुलेंस मौजूद थी। सीएचसी पर मौजूद एक डॉ. ने खुद फोन कर एम्बुलेंस से जल्द पहुंचने की अपील की, इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। दो घंटे बाद जब दूसरी एंबुलेंस सीएचसी परिसर पंहुची तब तक मरीज दम तोड़ चुका था। मौके की नजाकत को देख एंबुलेंस चालक परिजन सहित शव को घर पहुंचा दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक अरुण कनौजिया ने कहा कि उस समय वो मीटिंग में थे इसलिए मामले की जानकारी नहीं हो पाई, वैसे भी एंबुलेंस की व्यवस्था उनके कार्य क्षेत्र में नहीं आता है उसे दूसरी संस्था संचालित करती है।
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मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। - डॉ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ