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Jaunpur News: तीन साल में आठ बार विज्ञापन, आठ बार इंटरव्यू, फिर भी डाॅक्टरों के पद खाली

Fri, 29 Mar 2024 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:24 AM IST
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Advertisements eight times, interviews eight times in three years, yet posts of doctors remain vacant
जौनपुर। जिला अस्पताल हो या कोई सीएचसी-पीएचसी, सभी में चिकित्सकों का अकाल है। पांच पद होने के बाद भी कहीं एक डॉक्टर तो कहीं दो हैं। इनमें भी यदि हृदय संबंधित बीमारी, न्यूरो या किसी विशेष परिस्थिति में अल्ट्रासाउंड या कोई जांच करनी हो तो चिकित्सक नहीं मिलते। इसके लिए बीते तीन वर्षों में आठ बार विज्ञापन निकला, आठ बार इंटरव्यू भी हुआ, लेकिन फिर भी सभी पद नहीं भर पाए हैं।
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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले में चिकित्सकों के कुल 253 पद स्वीकृत हैं। इसमें से केवल 156 चिकित्सक ही तैनात हैं। इसमें सात एसीएमओ रैंक के डाॅक्टर हैं। अभी भी चिकित्सकों के 97 पद खाली पड़े हैं। डाक्टरों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने साल 2021 से लेकर अब तक 8 बार चिकित्सकों के भर्ती से संबंधित विज्ञापन निकाला है। हर बार साक्षात्कार भी हुआ लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिले में 22 सीएचसी, 73 पीएचसी और 8 ब्लाक स्तरीय पीएचसी पर मरीजों को इलाज की सुविधाएं मिल रही हैं। इन अस्पतालों पर कहीं एक डाक्टर तो कहीं फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल चल रहे हैं। चिकित्सकों की कमी से मरीजों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। यहां भी समस्या होने पर उन्हें अन्य जनपदों में जाना पड़ता है।
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आठ इंटरव्यू में आए 55 डाॅक्टर, 24 ने ही किया ज्वाइन
डाॅक्टरों के खाली पड़े पद को भरने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने विज्ञापन और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की। अब तक इंटरव्यू में 55 एमबीबीएस डाॅक्टर शामिल हुए थे। इसमें से 42 चयन हुआ लेकिन इनमें से केवल 24 डाॅक्टरों ने ही ज्वाइन किया। शेष डाॅक्टर इंटरव्यू के बाद नहीं लौटे। इसके चलते आज भी डाॅक्टरों के तमाम पद खाली रह गए हैं और समस्या जस की तस है।
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जिले में नहीं है कोई रेडियोलाॅजिस्ट
बेहतर चिकित्सा के साथ ही बेहतर जांच भी जरूरी है। जिस प्रकार चिकित्सकों का अकाल है ऐसे ही जिले में कोई रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं है। इस कारण मरीजों को जांच कराने में काफी असुविधा होती है। जिला अस्पताल में जांच सही न हो पाने के कारण मरीजों को बाहर का रास्ता देखना पड़ता है।

इन डॉक्टरों की कमी
कार्डियोलॉजिस्ट
न्यूरोलॉजिस्ट
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट
हेपेटोलॉजिस्ट
नेफ्रोलॉजिस्ट
रेडियोलॉजिस्ट
चिकित्सकों के खाली पद को भरने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। साक्षात्कार भी कराया जा रहा है। खाली पदों पर शीघ्र ही डाक्टरों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी। -डाॅ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ जौनपुर
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