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जियो टैगिंग नहीं करने पर 225 विद्यालयों की खिलाफ कार्रवाई
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जियो टैगिंग का कार्य पूरा नहीं करने वाले 225 माध्यमिक विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी निर्देशों का पालन नहीं करना वाले 36 वित्तपोषित विद्यालयों को वेतन रोकने और 189 वित्तविहीन विद्यालयों का मान्यता वापस लेने और बोर्ड परीक्षा में केंद्र नहीं बनाने की संस्तुति की गई है।
बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक हैं। परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन किया जाना है। लेकिन अधिकांश विद्यालय आदेशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। विद्यालयों को निर्देश दिया गया था कि दो दिसंबर तक जियो टैगिग एप पर अपलोड कर दें। लेकिन बोर्ड के आदेशों की अनदेखी करते हुए जिले के 225 विद्यालयों ने जियो टैगिंग नहीं किया है। इन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिले में 641 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिसमें 150 वित्तपोषित और शेष वित्तविहीन विद्यालय हैं। कोविड को देखते हुए बोर्ड ने तय किया है कि एक केंद्र पर कम से कम 250 और अधिकतम बारह सौ छात्र परीक्षा में बैठ सकेंगे। छात्रों को परीक्षा के दौरान छह फिट की दूरी पर बैठाने की तैयारी है। पूर्व में ब्लैक लिस्टेड रहे, प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्यों के बीच विवाद वाले विद्यालय भी केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। जियो टैगिंग नहीं करने के कारण परीक्षा केंद्र बनाने में दिक्कत आ रही है। बोर्ड का का साफ निर्देश है कि बालिकाओं के लिए परीक्षा केंद्र पांच किमी की परिधि में बनाए जाएं तथा बालकों के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी उनके विद्यालय के दस किमी की परिधि में होनी चाहिए। जियो टैगिंग का सूचनाओं का सत्यापन कराया जाएगा। डीआईओएस राजकुमार पंडित का कहना है कि जियो टैगिंग का समय बीत गया है। इसके बाद भी 225 विद्यालयों ने अपना लोकेशन अपडेट नहीं किया है। इससे परीक्षा केंद्र बनाने में दिक्कत आ रही है। सूचना के बाद भी विद्यालय बोर्ड के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक हैं। परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन किया जाना है। लेकिन अधिकांश विद्यालय आदेशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। विद्यालयों को निर्देश दिया गया था कि दो दिसंबर तक जियो टैगिग एप पर अपलोड कर दें। लेकिन बोर्ड के आदेशों की अनदेखी करते हुए जिले के 225 विद्यालयों ने जियो टैगिंग नहीं किया है। इन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिले में 641 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिसमें 150 वित्तपोषित और शेष वित्तविहीन विद्यालय हैं। कोविड को देखते हुए बोर्ड ने तय किया है कि एक केंद्र पर कम से कम 250 और अधिकतम बारह सौ छात्र परीक्षा में बैठ सकेंगे। छात्रों को परीक्षा के दौरान छह फिट की दूरी पर बैठाने की तैयारी है। पूर्व में ब्लैक लिस्टेड रहे, प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्यों के बीच विवाद वाले विद्यालय भी केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। जियो टैगिंग नहीं करने के कारण परीक्षा केंद्र बनाने में दिक्कत आ रही है। बोर्ड का का साफ निर्देश है कि बालिकाओं के लिए परीक्षा केंद्र पांच किमी की परिधि में बनाए जाएं तथा बालकों के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी उनके विद्यालय के दस किमी की परिधि में होनी चाहिए। जियो टैगिंग का सूचनाओं का सत्यापन कराया जाएगा। डीआईओएस राजकुमार पंडित का कहना है कि जियो टैगिंग का समय बीत गया है। इसके बाद भी 225 विद्यालयों ने अपना लोकेशन अपडेट नहीं किया है। इससे परीक्षा केंद्र बनाने में दिक्कत आ रही है। सूचना के बाद भी विद्यालय बोर्ड के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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