{"_id":"5ebeb7988ebc3e90a6541ec1","slug":"a-young-man-went-home-from-delhi-missing-jaunpur-news-vns525067196","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली से घर के लिए निकला युवक रास्ते से लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली से घर के लिए निकला युवक रास्ते से लापता
विज्ञापन
सुईथाकला। सरपतहा थाना क्षेत्र के चील्ही रामपुर गांव निवासी युवक दिल्ली से घर के लिए निकला था जो रास्ते से लापता हो गया। साथ में निकला छोटा भाई किसी तरह घर पहुंचा। घटना से परिजन हैरान हैं।
चील्ही रामपुर निवासी सूरज (25) दिल्ली में ट्रक चलाता था। उसका छोटा भाई रामअशीष उसके साथ रहकर पढ़ाई करता था। कुछ दिन पहले सूरज की तबीयत खराब हो गई। उस वक्त वह ट्रक से माल लेकर हरियाणा के पलवल गया था। सूचना पर छोटा भाई रामअशीष पलवल पहुंचा और भाई को लेकर किसी तरह दिल्ली अपने कमरे पर पहुंचा। सात मई को दोनों घर आने के लिए एक ट्रक पर सवार हुए। गलती से जिस ट्रक पर बैठे थे वह ग्वालियर पहुंच गया। वहां ट्रक से दोेनों उतरे तो भूख प्यास से बेहाल थे। सूरज को सड़क किनारे बैठाकर रामअशीष एक कैंप में वितरित हो रहा लंच पैकेट लेने चला गया। वह लंच पैकेट लेकर लौटा तो उसका बड़ा भाई सूरज गायब था। काफी खोजबीन के बाद वह थक कर हैरान हो गया तो रोते हुए घर के लिए निकल लिया। कहीं पैदल तो कहीं ट्रक पर सवार होकर किसी तरह रामअशीष वृहस्पतिवार की शाम अपने घर पहुंचा। परिवार में घर में सिर्फ रामअशीष की मां रहती है। पिता का निधन पहले हो चुका है। सूरज ही परिवार का सहरा था। उसी की बदौलत घर चल रहा था और रामअशीष पढ़ाई कर रहा था। किसी अनहोनी की आशंका से परिवार के लोग हैरान हैं।
.
विज्ञापन
चील्ही रामपुर निवासी सूरज (25) दिल्ली में ट्रक चलाता था। उसका छोटा भाई रामअशीष उसके साथ रहकर पढ़ाई करता था। कुछ दिन पहले सूरज की तबीयत खराब हो गई। उस वक्त वह ट्रक से माल लेकर हरियाणा के पलवल गया था। सूचना पर छोटा भाई रामअशीष पलवल पहुंचा और भाई को लेकर किसी तरह दिल्ली अपने कमरे पर पहुंचा। सात मई को दोनों घर आने के लिए एक ट्रक पर सवार हुए। गलती से जिस ट्रक पर बैठे थे वह ग्वालियर पहुंच गया। वहां ट्रक से दोेनों उतरे तो भूख प्यास से बेहाल थे। सूरज को सड़क किनारे बैठाकर रामअशीष एक कैंप में वितरित हो रहा लंच पैकेट लेने चला गया। वह लंच पैकेट लेकर लौटा तो उसका बड़ा भाई सूरज गायब था। काफी खोजबीन के बाद वह थक कर हैरान हो गया तो रोते हुए घर के लिए निकल लिया। कहीं पैदल तो कहीं ट्रक पर सवार होकर किसी तरह रामअशीष वृहस्पतिवार की शाम अपने घर पहुंचा। परिवार में घर में सिर्फ रामअशीष की मां रहती है। पिता का निधन पहले हो चुका है। सूरज ही परिवार का सहरा था। उसी की बदौलत घर चल रहा था और रामअशीष पढ़ाई कर रहा था। किसी अनहोनी की आशंका से परिवार के लोग हैरान हैं।
विज्ञापन
.