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कभी भी गिर सकते हैं जर्जर भवन, हो सकता है बड़ा हादसा
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तीन दिनों से रुक-रूक हो रही बारिश के बीच अब प्रशासन को जर्जर भवनों की सुधि आई है, इसके पहले जिम्मेदार इसको लेकर बेपरवाह बने हुए थे। अकेले शहर में तकरीबन 175 भवन जर्जर हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं, लेकिन अभी तक इन भवनों के संबंधित लोगों को न तो गिराने के लिए नोटिस दी गई है और न ही इन भवनों के पास कोई संकेत ही लगाया गया है। लगभग ऐसी स्थिति ग्रामीण इलाकों में भी है, लेकिन सब कुछ जानकारी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुुए थे।
शहर क्षेत्र में ओलंदगंज, रूहट्टा, बांसफोड़ वाली गली, अहमद खां मंडी, बजरंग घाट आदि स्थानों पर जर्जर मकान हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। उनके गिरने से बड़ा हादसा होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। कई मकान तो प्रमुख बाजारों के बीच सड़कों पर मौजूद हैं, जिनके गिरने से कई लोगों की जाने जा सकती हैं।लगभग ऐसे ही हालत ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। मकान जर्जर हो गया है, लेकिन उसमें लोग रहने को विवश हैं। बारिश के समय हर साल ऐसे मकानों को जिम्मेदारों की ओर से चयन किया जाता है, लेकिन जैसे ही बारिश समाप्त हो जाती है तो वे भी इसको गिरवाने को भूल जाते हैं, जिससे कई भवनों की हालत ऐसी है कि तेज आंधी व बारिश होने पर जमींदोज हो सकते हैं। बावजूद इसके ऐसे भवनों को गिरवाने का कोई कार्य नहीं किया जाता है।
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- तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जर्जर मकान गिर सकते हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए सभी एसडीएम को जर्जर मकानों को चिह्नित करने और उसमें रह रहे लोगों को अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने का भी निर्देश दिया गया है, जिससे कोई अप्रिय घटना ना हो सके । इसके लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व/प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा को शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया गया है।- मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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शहर क्षेत्र में ओलंदगंज, रूहट्टा, बांसफोड़ वाली गली, अहमद खां मंडी, बजरंग घाट आदि स्थानों पर जर्जर मकान हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। उनके गिरने से बड़ा हादसा होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। कई मकान तो प्रमुख बाजारों के बीच सड़कों पर मौजूद हैं, जिनके गिरने से कई लोगों की जाने जा सकती हैं।लगभग ऐसे ही हालत ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। मकान जर्जर हो गया है, लेकिन उसमें लोग रहने को विवश हैं। बारिश के समय हर साल ऐसे मकानों को जिम्मेदारों की ओर से चयन किया जाता है, लेकिन जैसे ही बारिश समाप्त हो जाती है तो वे भी इसको गिरवाने को भूल जाते हैं, जिससे कई भवनों की हालत ऐसी है कि तेज आंधी व बारिश होने पर जमींदोज हो सकते हैं। बावजूद इसके ऐसे भवनों को गिरवाने का कोई कार्य नहीं किया जाता है।
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- तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जर्जर मकान गिर सकते हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए सभी एसडीएम को जर्जर मकानों को चिह्नित करने और उसमें रह रहे लोगों को अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने का भी निर्देश दिया गया है, जिससे कोई अप्रिय घटना ना हो सके । इसके लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व/प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा को शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया गया है।- मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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