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डायरिया से बच्ची की मौत, 21 बीमार
Jaunpur
Updated Mon, 27 May 2013 05:30 AM IST
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मुफ्तीगंज। क्षेत्र के काकोरी देवाकलपुर गांव में डायरिया से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई तथा 21 लोग बीमार हैं। छह को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। बाकी लोग अपनी सुविधा के मुताबिक झोलाछापों की शरण में हैं। मरीज अस्पताल पहुंचे तो स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी। एक टीम जिला मुख्यालय से तो दूसरी टीम मुफ्तीगंज सीएचसी से भेजी गई। डाक्टरों की टीम ने सभी को ओआरएस के पैकेट तथा क्लोरीन की दो-दो गोलियां वितरित की हैं। साथ ही पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
काकोरी देवाकलपुर की यादव बस्ती निवासी राम चंद्र यादव 20 मई को सिद्दीकपुर के पास बारात गए थे। बारात से लौटे तो 22 मई को राम चंद्र को उल्टी दस्त होने लगी। राम चंद्र बीमार पड़े तो पूरा परिवार डायरिया की चपेट में आ गया। दो दिन तक घर में ही घासफूस का इलाज करते रहे। धीरे-धीरे बस्ती के अन्य लोग भी उल्टी दस्त की चपेट में आ गए। शनिवार तक गांव में करीब 22 लोग डायरिया की चपेट में आ गए। शनिवार की रात राम चंद्र की बेटी रिमझिम (तीन) की हालत बिगड़ी तो पास के झोलाछाप के यहां ले गए। यहां उसे ग्लूकोज चढ़ाया गया लेकिन आराम नहीं मिला। रिमझिम की रात में मौत हो गई। इसके बाद पूरे गांव में दहशत फैली। राम चंद्र परिवार के अन्य बीमारों को लेकर मुफ्तीगंज सीएचसी पहुंचा। यहां रात में घुप अंधेरा था। डाक्टर श्रवण कुमार तो मिले लेकिन अंधेरा होने के नाते ठीक से उपचार नहीं मिल पाया। उधर, सभी छह की हालत गंभीर थी। डाक्टर ने रात में ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात राम चंद्र की बेटी प्रीती (5), बेटा किशन (6), राम चंद्र की मां बचना देवी (55), गांव के ही नंदलाल का बेटा सोनू (12), विजय यादव का बेटा प्रिंस यादव (9), दुबरी यादव (65) को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इमरजेंसी में जांच के बाद सभी को भर्ती कर लिया गया। इसके अलावा में गांव में राजा यादव का बेटा संदीप (12), आनंद यादव (18), कल्लू की पत्नी प्रेमा देवी (48), राम भुवन यादव (35), इनका भांजा कृष्णा (3), रामजी यादव का बेटा रोहित (12), जिया लाल यादव का बेटा कान्हा यादव (13), पप्पू यादव (35), त्रिभुवन यादव (20), बिंद (25) पुत्री अंबिका यादव, अंबिका की मां बीमार हैं। इनका उपचार क्षेत्र के झोलाछाप डाक्टरों के यहां चल रहा है। कुछ लोग उपचार कराकर घर आ गए तो कुछ को ड्रिप चढ़ रही है। रविवार सुबह सीएमएस ने सीएमओ समेत उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिला अस्पताल से एक टीम गांव भेजी गई। उधर मुफ्तीगंज के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. श्रवण कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। पूरे गांव में ओआरएस के पैकेट तथा क्लोरीन की दो-दो गोलियां बांटी गई। सभी को सलाह दी गई कि पानी उबालने के बाद ठंडा कर पिये। एक बाल्टी पानी में क्लोरीन की एक गोली डालने की सलाह दी गई है। गांव के प्रधान शिव लाल राजभर का कहना है कि गांव में दवा छिड़काव के लिए दस हजार रुपये सालाना मिलते हैं। दस हजार रुपये इस वर्ष भी मिला है लेकिन अभी बैंक से निकाला नहीं गया। प्रधान का आरोप है कि पिछले वर्ष एएनएम को दस हजार रुपये दिए गए थे लेकिन पंद्रह सौ रुपये ही खर्च हुए। गांव में 12 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं। इसमें से दो हैंडपंप स्कूल पर लगे हुए हैं। एक हैंडपंप खराब है और एक गंदा पानी दे रहा है। दस हैंडपंप का पानी भी पीने योग्य नहीं रहा। गांव के पांच कुओं को अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। कुओं की सफाई के लिए आए धन का इस्तेमाल ही नहीं हुआ।
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काकोरी देवाकलपुर की यादव बस्ती निवासी राम चंद्र यादव 20 मई को सिद्दीकपुर के पास बारात गए थे। बारात से लौटे तो 22 मई को राम चंद्र को उल्टी दस्त होने लगी। राम चंद्र बीमार पड़े तो पूरा परिवार डायरिया की चपेट में आ गया। दो दिन तक घर में ही घासफूस का इलाज करते रहे। धीरे-धीरे बस्ती के अन्य लोग भी उल्टी दस्त की चपेट में आ गए। शनिवार तक गांव में करीब 22 लोग डायरिया की चपेट में आ गए। शनिवार की रात राम चंद्र की बेटी रिमझिम (तीन) की हालत बिगड़ी तो पास के झोलाछाप के यहां ले गए। यहां उसे ग्लूकोज चढ़ाया गया लेकिन आराम नहीं मिला। रिमझिम की रात में मौत हो गई। इसके बाद पूरे गांव में दहशत फैली। राम चंद्र परिवार के अन्य बीमारों को लेकर मुफ्तीगंज सीएचसी पहुंचा। यहां रात में घुप अंधेरा था। डाक्टर श्रवण कुमार तो मिले लेकिन अंधेरा होने के नाते ठीक से उपचार नहीं मिल पाया। उधर, सभी छह की हालत गंभीर थी। डाक्टर ने रात में ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात राम चंद्र की बेटी प्रीती (5), बेटा किशन (6), राम चंद्र की मां बचना देवी (55), गांव के ही नंदलाल का बेटा सोनू (12), विजय यादव का बेटा प्रिंस यादव (9), दुबरी यादव (65) को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इमरजेंसी में जांच के बाद सभी को भर्ती कर लिया गया। इसके अलावा में गांव में राजा यादव का बेटा संदीप (12), आनंद यादव (18), कल्लू की पत्नी प्रेमा देवी (48), राम भुवन यादव (35), इनका भांजा कृष्णा (3), रामजी यादव का बेटा रोहित (12), जिया लाल यादव का बेटा कान्हा यादव (13), पप्पू यादव (35), त्रिभुवन यादव (20), बिंद (25) पुत्री अंबिका यादव, अंबिका की मां बीमार हैं। इनका उपचार क्षेत्र के झोलाछाप डाक्टरों के यहां चल रहा है। कुछ लोग उपचार कराकर घर आ गए तो कुछ को ड्रिप चढ़ रही है। रविवार सुबह सीएमएस ने सीएमओ समेत उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिला अस्पताल से एक टीम गांव भेजी गई। उधर मुफ्तीगंज के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. श्रवण कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। पूरे गांव में ओआरएस के पैकेट तथा क्लोरीन की दो-दो गोलियां बांटी गई। सभी को सलाह दी गई कि पानी उबालने के बाद ठंडा कर पिये। एक बाल्टी पानी में क्लोरीन की एक गोली डालने की सलाह दी गई है। गांव के प्रधान शिव लाल राजभर का कहना है कि गांव में दवा छिड़काव के लिए दस हजार रुपये सालाना मिलते हैं। दस हजार रुपये इस वर्ष भी मिला है लेकिन अभी बैंक से निकाला नहीं गया। प्रधान का आरोप है कि पिछले वर्ष एएनएम को दस हजार रुपये दिए गए थे लेकिन पंद्रह सौ रुपये ही खर्च हुए। गांव में 12 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं। इसमें से दो हैंडपंप स्कूल पर लगे हुए हैं। एक हैंडपंप खराब है और एक गंदा पानी दे रहा है। दस हैंडपंप का पानी भी पीने योग्य नहीं रहा। गांव के पांच कुओं को अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। कुओं की सफाई के लिए आए धन का इस्तेमाल ही नहीं हुआ।
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