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झूला फैक्ट्री की उत्पादन इकाई सील
Jaunpur
Updated Wed, 23 Jan 2013 05:31 AM IST
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थानागद्दी। नाऊपुर स्थित जेवीएल एग्रो वनस्पति फैक्ट्री के प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। इनकम टैक्स के छापेमारी की कार्रवाई के बाद मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने भी छापामारी की कार्रवाई की। पीसीबी ने झूला वनस्पति फैक्ट्री की उत्पादन इकाई समेत उत्पादन से जुड़े सभी प्लांटों में ताला लगा दिया है। आरोप है कि फैक्ट्री प्रवंधन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक का उलंघन किया है। पीसीबी के मानक के मुताबिक इंफुलएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) की क्षमता बढ़ाने और पीसीबी की एनओसी के बाद ही दोबारा उत्पादन शुरू होगा।
10 जनवरी को आयकर विभाग की टीम ने जेवीएल एग्रो में छापेमारी की थी। इसके कुछ ही दिन बाद मंगलवार दोपहर वाराणसी से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पहुंच गई। टीम में शामिल सहायक अभियंता ने बताया कि 22 दिसंबर 2012 को फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस दी गई थी कि उत्पादन के हिसाब से प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम नहीं है। इसके जवाब में फैक्ट्री प्रबंधन ने लिखा था कि जितना उत्पादन हो रहा है उतनी क्षमता का ईटीपी लगाया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर मंगलवार को पीसीबी टीम ने फैक्ट्री की उत्पादन इकाई में ताला लगा दिया। पीसीबी ने एसडीएम केराकत राम भजन सोनकर की मौजूदगी में उत्पादन इकाई से जुड़े वर्कशाप, टरबाइन रूम, कोल्ड रूम, पावर सप्लाई रूम, जेनरेटर रूम के साथ गेट नंबर दो पर ताला बंदी की। दो नंबर गेट से ही उत्पादन इकाई में लोग दाखिल होते हैं। पीसीबी ने यह कार्रवाई एक महीने की नोटिस की अवधि पूरी होते ही 22 जनवरी को की। पीसीबी की टीम में एईई पीपी श्रीवास्तव, वीके श्रीवास्तव, जेई शिव बहाल, एसडीएम केराकत राम भजन सोनकर शामिल थे। साथ में कोतवाली प्रभारी रमेश पांडेय, थानागद्दी चौकी प्रभारी सदानंद मिश्र को भी थे। इस कार्रवाई के दौरान जेवीएल के सीईओ एसएन मिश्र, वाइस प्रेसीडेंट (वर्क्स) एके श्रीवास्तव, पर्सनल मैनेजर ध्रुव तिवारी समेत दूसरे अधिकारी मौजूद थे।
कोट
हमारे यहां उत्पादन के अनरूप ईटीपी लगा हुआ है। फिर भी पीसीबी की नोटिस के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने एक महीने की मोहलत मांगी थी। बगैर समय दिए पीसीबी ने फैक्ट्री की उत्पादन इकाई सील कर दी। इससे कारखाने का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। अब ईटीपी की क्षमता बढ़ाने के बाद ही दोबारा उत्पादन शुरू होगा। इससे करीब तीन हजार कामगार प्रभावित हुए हैं।
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: ध्रुव तिवारी, पर्सन मैनेजर, जेवीएल एग्रो।
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10 जनवरी को आयकर विभाग की टीम ने जेवीएल एग्रो में छापेमारी की थी। इसके कुछ ही दिन बाद मंगलवार दोपहर वाराणसी से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पहुंच गई। टीम में शामिल सहायक अभियंता ने बताया कि 22 दिसंबर 2012 को फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस दी गई थी कि उत्पादन के हिसाब से प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम नहीं है। इसके जवाब में फैक्ट्री प्रबंधन ने लिखा था कि जितना उत्पादन हो रहा है उतनी क्षमता का ईटीपी लगाया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर मंगलवार को पीसीबी टीम ने फैक्ट्री की उत्पादन इकाई में ताला लगा दिया। पीसीबी ने एसडीएम केराकत राम भजन सोनकर की मौजूदगी में उत्पादन इकाई से जुड़े वर्कशाप, टरबाइन रूम, कोल्ड रूम, पावर सप्लाई रूम, जेनरेटर रूम के साथ गेट नंबर दो पर ताला बंदी की। दो नंबर गेट से ही उत्पादन इकाई में लोग दाखिल होते हैं। पीसीबी ने यह कार्रवाई एक महीने की नोटिस की अवधि पूरी होते ही 22 जनवरी को की। पीसीबी की टीम में एईई पीपी श्रीवास्तव, वीके श्रीवास्तव, जेई शिव बहाल, एसडीएम केराकत राम भजन सोनकर शामिल थे। साथ में कोतवाली प्रभारी रमेश पांडेय, थानागद्दी चौकी प्रभारी सदानंद मिश्र को भी थे। इस कार्रवाई के दौरान जेवीएल के सीईओ एसएन मिश्र, वाइस प्रेसीडेंट (वर्क्स) एके श्रीवास्तव, पर्सनल मैनेजर ध्रुव तिवारी समेत दूसरे अधिकारी मौजूद थे।
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हमारे यहां उत्पादन के अनरूप ईटीपी लगा हुआ है। फिर भी पीसीबी की नोटिस के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने एक महीने की मोहलत मांगी थी। बगैर समय दिए पीसीबी ने फैक्ट्री की उत्पादन इकाई सील कर दी। इससे कारखाने का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। अब ईटीपी की क्षमता बढ़ाने के बाद ही दोबारा उत्पादन शुरू होगा। इससे करीब तीन हजार कामगार प्रभावित हुए हैं।
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: ध्रुव तिवारी, पर्सन मैनेजर, जेवीएल एग्रो।