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भारत निर्मल अभियान से 23 गांव बाहर
Jaunpur
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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जौनपुर। भारत निर्मल अभियान से 23 गांवों को बाहर कर दिया गया है। ऐसा समय कम होने की वजह से किया गया है। योजना के तहत पहले 100 गांवों का चयन किया गया था। संशोधित सूची में 77 गांव ही शेष हैं। इसमें डा. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत चयनित 35 गांव भी शामिल हैं। अफसरों का दावा है कि जल्द ही बजट जारी होने की संभावना है। पैसा मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
भारत निर्मल अभियान के तहत गांवों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना है। योजना में शामिल गांवों में नाली, रास्ता के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सफाई करानी है। खास बात यह कि कचरा फेंकने की सिरदर्दी भी लोगों की कम होगी। क्योंकि कचरा निस्तारण की व्यवस्था भी की जाएगी। रिहायशी इलाके से बाहर कूड़ा फेंकने के लिए बनाया जाएगा। कचरे से खाद तैयार की जाएगी। इसके अलावा बीपीएल और एपीएल परिवारों को शौचालय भी मुहैया कराया जाएगा। एक परिवार के लिए एक शौचालय बनाया जाएगा। इसके अलावा अन्य पांच घरों के बीच में एक महिला प्रसाधन भी बनेगा। इसका इस्तेमाल केवल महिलाएं कर सकेंगी। इस वर्ष योजना मेें लक्ष्य के हिसाब से 100 गांवों को शामिल किया गया था। इसमें 35 लोहिया तथा 65 अन्य गांव शामिल किए गए थे। दिक्कत यह है कि चालू वित्तीय वर्ष का केवल साढ़े चार महीने ही शेष हैं। लक्ष्य पूरे वर्ष के लिए रखा गया था। समय कम होने से 23 गांवों को बाहर कर दिया गया है। चर्चा है कि गांवों के चयन मेें कुछ विकासखंडों की अनदेखी कर दी गई है। यह अलग बात है कि समय कम होने से कम गांव योजना में शामिल किए गए हैं। जो गांव मानक पर खरे उतरेंगे उन्हें अगले वर्ष शामिल किया जाएगा।
वर्जन :
समय कम होने से 23 गांवों को योजना से बाहर किया गया है। अगले वर्ष प्राथमिकता के तौर पर इन गांवों को शामिल कर लिया जाएगा। अभी बजट भी जारी नहीं हुआ है। पैसा आते ही चयनित गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। - जगदीश यादव, डीपीआरओ
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भारत निर्मल अभियान के तहत गांवों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना है। योजना में शामिल गांवों में नाली, रास्ता के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सफाई करानी है। खास बात यह कि कचरा फेंकने की सिरदर्दी भी लोगों की कम होगी। क्योंकि कचरा निस्तारण की व्यवस्था भी की जाएगी। रिहायशी इलाके से बाहर कूड़ा फेंकने के लिए बनाया जाएगा। कचरे से खाद तैयार की जाएगी। इसके अलावा बीपीएल और एपीएल परिवारों को शौचालय भी मुहैया कराया जाएगा। एक परिवार के लिए एक शौचालय बनाया जाएगा। इसके अलावा अन्य पांच घरों के बीच में एक महिला प्रसाधन भी बनेगा। इसका इस्तेमाल केवल महिलाएं कर सकेंगी। इस वर्ष योजना मेें लक्ष्य के हिसाब से 100 गांवों को शामिल किया गया था। इसमें 35 लोहिया तथा 65 अन्य गांव शामिल किए गए थे। दिक्कत यह है कि चालू वित्तीय वर्ष का केवल साढ़े चार महीने ही शेष हैं। लक्ष्य पूरे वर्ष के लिए रखा गया था। समय कम होने से 23 गांवों को बाहर कर दिया गया है। चर्चा है कि गांवों के चयन मेें कुछ विकासखंडों की अनदेखी कर दी गई है। यह अलग बात है कि समय कम होने से कम गांव योजना में शामिल किए गए हैं। जो गांव मानक पर खरे उतरेंगे उन्हें अगले वर्ष शामिल किया जाएगा।
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वर्जन :
समय कम होने से 23 गांवों को योजना से बाहर किया गया है। अगले वर्ष प्राथमिकता के तौर पर इन गांवों को शामिल कर लिया जाएगा। अभी बजट भी जारी नहीं हुआ है। पैसा आते ही चयनित गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। - जगदीश यादव, डीपीआरओ
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