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नपा के संविदा कर्मियों का फूटा गुस्सा
Jaunpur
Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
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जौनपुर। नगर पालिका और पंचायतों से संविदाकर्मियों को हटाए जाने की जानकारी होते ही कर्मचारी आग बबूला हो गए। उन्होंने शनिवार को शहर के उर्दू बाजार स्थित जलकल विभाग में नगर विकास मंत्री आजम खां का पुतला दहन किया। करीब एक सौ की संख्या में लोग नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए नगर पालिका परिसर पहुंचे। यहां हुई सभा में सभी ने एक स्वर में सरकार के फैसले की निंदा की।
कामरेड हनीफ ने कहा कि शासन के फैसले के चलते संविदाकर्मी तथा जनता दोनों को दिक्कत आएगी। कई कर्मचारियों का परिवार सड़क पर आ जाएगा। लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसा भी नहीं कि लोग साल, दो साल से संविदा पर काम कर रहे हैं। कई कर्मचारी तो ऐसे हैं कि जिन्हें काम करते हुए 12 वर्ष से भी ज्यादा समय हो गया है। युवा अवस्था नगर पालिका की तरक्की में गुजार दिया। अब बुढ़ापे के दिन सामने आ गए हैं। ऐसे में यदि लोगों को बाहर निकाल दिया जाएगा तो वे क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अलावा जनता को भी समस्याएं झेलनी होगी। कर्मचारियों की कमी से पालिका पहले से ही त्रस्त है। संविदाकर्मियों को हटाए जाने से पेयजलापूर्ति, प्रकाश सहित अन्य व्यवस्थाएं काफी प्रभावित होंगी। ऐसे में जनता तथा कर्मचारियों के हित को देखते हुए सरकार को इस फैसले को वापस लेना चाहिए। इससे पूर्व संविदा कर्मचारियों ने संबंधित अफसरों को ज्ञापन भेजा। इस दौरान संजय पाठक, राम गणेश, राम आसरे, मोती लाल, शरीफ अहमद, रीता देवी, इरशाद हुसैन, वसीम हैदर सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
वर्जन
संविदाकर्मियों को अपनी बात व्यवस्था के तहत रखनी चाहिए। प्रदर्शन, हल्ला बोल करना उचित रास्ता नहीं है। यदि लोगों को फैसले पर आपत्ति है तो अपनी बात शांति पूर्ण ढंग से रख सकते हैं। - एमपी सिंह, अधिशासी अधिकारी
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कामरेड हनीफ ने कहा कि शासन के फैसले के चलते संविदाकर्मी तथा जनता दोनों को दिक्कत आएगी। कई कर्मचारियों का परिवार सड़क पर आ जाएगा। लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसा भी नहीं कि लोग साल, दो साल से संविदा पर काम कर रहे हैं। कई कर्मचारी तो ऐसे हैं कि जिन्हें काम करते हुए 12 वर्ष से भी ज्यादा समय हो गया है। युवा अवस्था नगर पालिका की तरक्की में गुजार दिया। अब बुढ़ापे के दिन सामने आ गए हैं। ऐसे में यदि लोगों को बाहर निकाल दिया जाएगा तो वे क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अलावा जनता को भी समस्याएं झेलनी होगी। कर्मचारियों की कमी से पालिका पहले से ही त्रस्त है। संविदाकर्मियों को हटाए जाने से पेयजलापूर्ति, प्रकाश सहित अन्य व्यवस्थाएं काफी प्रभावित होंगी। ऐसे में जनता तथा कर्मचारियों के हित को देखते हुए सरकार को इस फैसले को वापस लेना चाहिए। इससे पूर्व संविदा कर्मचारियों ने संबंधित अफसरों को ज्ञापन भेजा। इस दौरान संजय पाठक, राम गणेश, राम आसरे, मोती लाल, शरीफ अहमद, रीता देवी, इरशाद हुसैन, वसीम हैदर सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
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संविदाकर्मियों को अपनी बात व्यवस्था के तहत रखनी चाहिए। प्रदर्शन, हल्ला बोल करना उचित रास्ता नहीं है। यदि लोगों को फैसले पर आपत्ति है तो अपनी बात शांति पूर्ण ढंग से रख सकते हैं। - एमपी सिंह, अधिशासी अधिकारी
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