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ग्राम पंचायत अधिकारी को बनाया बंधक
Jaunpur
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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जफराबाद। क्षेत्र के अहमदपुर ग्राम सभा में शनिवार को प्रधानपति ने ग्राम पंचायत अधिकारी को पांच घंटे तक बंधक बनाए रखा। ग्राम पंचायत अधिकारी इंदिरा आवास की सूची में संशोधन के सिलसिले में अहमदपुर गए थे। सेक्रेटरी का आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी की गई। पुलिस के पहुंचने पर सेक्रेटरी को मुक्त कराया गया। उधर, प्रधानपति का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार श्रीवास्तव सुबह करीब नौ बजे इंदिरा आवास की सूची में संशोधन के सिलसिले में अहमदपुर के प्रधानपति राजेंद्र प्रसाद यादव से मिलने पहुंचे। ग्राम पंचायत अधिकारी का आरोप है कि सूची में संशोधन की बात पर प्रधानपति ने उनसे कहासुनी शुरू कर दी। कहा कि पूर्व प्रधान के इशारे पर सूची तैयार की गई है। गाली गलौज, पिटाई के बाद प्रधानपति ने उन्हें बंधक बना लिया और उनकी बाइक पंचर कर दी। दोपहर करीब एक बजे लघुशंका के बहाने बाहर निकले सेक्रेटरी ने किसी तरह थाने फोन कर घटना की जानकारी दी। दो बजे चौकी इंचार्ज सुरेंद्र उपाध्याय के पहुंचने पर सेक्रेटरी को मुक्त कराया जा सका। सेक्रेटरी श्रवण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने बस प्रधानपति से सूची में नाम काटने और जोड़ने के बारे में पूछा था। इतने पर वे तिलमिला उठे और पिटाई कर बंधक बना लिया। वहीं प्रधानपति राजेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि सेक्रेटरी का आरोप निराधार है। बंधक बनाने जैसी कोई बात नहीं थी। पांच घंटे तक श्रवण कुमार श्रीवास्तव अपने काम से बैठे थे।
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ग्राम पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार श्रीवास्तव सुबह करीब नौ बजे इंदिरा आवास की सूची में संशोधन के सिलसिले में अहमदपुर के प्रधानपति राजेंद्र प्रसाद यादव से मिलने पहुंचे। ग्राम पंचायत अधिकारी का आरोप है कि सूची में संशोधन की बात पर प्रधानपति ने उनसे कहासुनी शुरू कर दी। कहा कि पूर्व प्रधान के इशारे पर सूची तैयार की गई है। गाली गलौज, पिटाई के बाद प्रधानपति ने उन्हें बंधक बना लिया और उनकी बाइक पंचर कर दी। दोपहर करीब एक बजे लघुशंका के बहाने बाहर निकले सेक्रेटरी ने किसी तरह थाने फोन कर घटना की जानकारी दी। दो बजे चौकी इंचार्ज सुरेंद्र उपाध्याय के पहुंचने पर सेक्रेटरी को मुक्त कराया जा सका। सेक्रेटरी श्रवण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने बस प्रधानपति से सूची में नाम काटने और जोड़ने के बारे में पूछा था। इतने पर वे तिलमिला उठे और पिटाई कर बंधक बना लिया। वहीं प्रधानपति राजेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि सेक्रेटरी का आरोप निराधार है। बंधक बनाने जैसी कोई बात नहीं थी। पांच घंटे तक श्रवण कुमार श्रीवास्तव अपने काम से बैठे थे।
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