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मिनी बाईपास के लिए हो जाइए तैयार
Jaunpur
Updated Fri, 28 Mar 2014 05:31 AM IST
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जौनपुर। वाराणसी से लखनऊ आने और जाने के लिए जल्द ही मिनी बाईपास की सौगात मिलने वाली है। इस बाईपास के बनने से लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीतर जाम का सामना नहीं करना पडे़गा। यह बाईपास कुल्हनामऊ से निकल कर पकड़ी चौराहा होते हुए रसैना फिर सिरकोनी जाकर मिलेगा। इस बाईपास की कुल लंबाई साढ़े 17 किमी की होगी। इसकी चौड़ाई सात मीटर रखी जाएगी। बाईपास बनने के बाद पालीटेक्निक से जगदीशपुर तक लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।
लखनऊ से वाराणसी जाने या आने वाले वाहनों को अब शहर में जाम के झाम से छुटकारा मिलने वाला है। चुनाव खत्म होने के बाद ही इस रूट को मिनी बाईपास से जोड़ दिया जाएगा। यह बाईपास वाराणसी से लखनऊ जाते समय सिरकोनी से ही आपको अलग कर देगा। इस मार्ग पर मुड़ने के बाद जगतगंज रसैना, पकड़ी ब्लॉक और फिर कुल्हनामऊ होते हुए लखनऊ आसानी से जाया जा सकेगा। ऐसा भी नहीं है कि इस बाईपास से निकले के लिए वाहनों को लंबी दूरी तय करनी होगी। बल्कि शहर के भीतर से निकलने में 17 किमी और मिनी बाईपास से निकलने में साढ़े 17 किमी का रास्ता तय करना पड़ेगा। यानी महज आधा किमी चलने के बदले घंटों के जाम से निजात मिल जाएगी। इस बाईपास के बनने से जगदीशपुर से पालीटेक्निक तक लगने वाले लंबे जाम से भी लोगों को छुटकारा मिलेगा। मिनी बाईपास के लिए पीडब्ल्यूडी के पास यह सड़क पहले से ही मौजूद है। सिर्फ इस सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए 26 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। वैसे तो सिटी स्टेशन क्रासिंग के पास बनने वाले ओवरब्रिज के लिए रूट डायवर्जन का काम चल रहा है। इस डायवर्जन के लिए करीब साढे़ पांच किमी सड़क को इसी में बना दिया जाएगा। बाकी सड़क निर्माण कार्य चुनाव आचार संहिता हटते ही शुरू हो जाएगा। अनुमान है कि मार्च 2015 तक यह काम पूरा हो जाएगा। एक्सईएन क्यूए लारी ने बताया कि इस बाईपास को बनने में आठ माह तक का समय लगेगा। चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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लखनऊ से वाराणसी जाने या आने वाले वाहनों को अब शहर में जाम के झाम से छुटकारा मिलने वाला है। चुनाव खत्म होने के बाद ही इस रूट को मिनी बाईपास से जोड़ दिया जाएगा। यह बाईपास वाराणसी से लखनऊ जाते समय सिरकोनी से ही आपको अलग कर देगा। इस मार्ग पर मुड़ने के बाद जगतगंज रसैना, पकड़ी ब्लॉक और फिर कुल्हनामऊ होते हुए लखनऊ आसानी से जाया जा सकेगा। ऐसा भी नहीं है कि इस बाईपास से निकले के लिए वाहनों को लंबी दूरी तय करनी होगी। बल्कि शहर के भीतर से निकलने में 17 किमी और मिनी बाईपास से निकलने में साढ़े 17 किमी का रास्ता तय करना पड़ेगा। यानी महज आधा किमी चलने के बदले घंटों के जाम से निजात मिल जाएगी। इस बाईपास के बनने से जगदीशपुर से पालीटेक्निक तक लगने वाले लंबे जाम से भी लोगों को छुटकारा मिलेगा। मिनी बाईपास के लिए पीडब्ल्यूडी के पास यह सड़क पहले से ही मौजूद है। सिर्फ इस सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए 26 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। वैसे तो सिटी स्टेशन क्रासिंग के पास बनने वाले ओवरब्रिज के लिए रूट डायवर्जन का काम चल रहा है। इस डायवर्जन के लिए करीब साढे़ पांच किमी सड़क को इसी में बना दिया जाएगा। बाकी सड़क निर्माण कार्य चुनाव आचार संहिता हटते ही शुरू हो जाएगा। अनुमान है कि मार्च 2015 तक यह काम पूरा हो जाएगा। एक्सईएन क्यूए लारी ने बताया कि इस बाईपास को बनने में आठ माह तक का समय लगेगा। चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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