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धर्म का आधार है श्रीमद् भागवत गीता
Jaunpur
Updated Mon, 24 Mar 2014 05:31 AM IST
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सतहरिया। माउंट आबू से आए कथा वाचक ऊषा बहन ने कहा कि श्रीमद् भागवत गीता सभी धर्मों का आधार है। श्रीमद् भावगत गीता की हर पंक्ति में जीवन का रहस्य समाहित है। यदि व्यक्ति गीता का अध्ययन करे और उसमें वर्णित उपदेशों को अपने जीवन में उतारे तो वह सचमुच मानव के रूप में अपने को पेश कर सकता है।
कस्बा स्थित एक लॉन में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विवि की ओर से आयोजित गीता ज्ञान रहस्य विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के विचारों और भावनाओं को अपने आचरण के साथ प्रस्तुत करना चाहिए। मानव जीवन का उद्देश्य हमेशा मानवता की रक्षा और दूसरों की मदद होना चाहिए। भौतिक साधनों से दूर रह कर ही कोई भी व्यक्ति मानवता को नजदीक से देख सकता है। गीता के सार को समझने के लिए महापुरुषों के जीवन का अध्ययन करना जरूरी है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े संपन्न देश अमेरिका में भी गीता को काफी महत्व दिया जाता है। आज भी वहां के वैज्ञानिक गीता और महाभारत पर गहन चिंतन और शोध करते रहते हैं। गीता के ज्ञान से ही आत्म शक्ति का भाव पैदा होता है। इसी के अध्ययन से ही व्यक्ति की मनोवृत्ति बदलती है। गीता का अध्ययन फलदायी होता है। बुराई से अच्छाई की राह पर चलने का संदेश गीता में समाहित है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को समय निकाल कर गीता का अध्ययन करते हैं। इस मौके पर नपाध्यक्ष कपिलमुनि, उमाकांत गुप्त, संगम लाल गुप्त, विश्वनाथ, शिव शंकर सिंह, ओम प्रकाश तिवारी आदि मौजूद थे।
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कस्बा स्थित एक लॉन में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विवि की ओर से आयोजित गीता ज्ञान रहस्य विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के विचारों और भावनाओं को अपने आचरण के साथ प्रस्तुत करना चाहिए। मानव जीवन का उद्देश्य हमेशा मानवता की रक्षा और दूसरों की मदद होना चाहिए। भौतिक साधनों से दूर रह कर ही कोई भी व्यक्ति मानवता को नजदीक से देख सकता है। गीता के सार को समझने के लिए महापुरुषों के जीवन का अध्ययन करना जरूरी है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े संपन्न देश अमेरिका में भी गीता को काफी महत्व दिया जाता है। आज भी वहां के वैज्ञानिक गीता और महाभारत पर गहन चिंतन और शोध करते रहते हैं। गीता के ज्ञान से ही आत्म शक्ति का भाव पैदा होता है। इसी के अध्ययन से ही व्यक्ति की मनोवृत्ति बदलती है। गीता का अध्ययन फलदायी होता है। बुराई से अच्छाई की राह पर चलने का संदेश गीता में समाहित है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को समय निकाल कर गीता का अध्ययन करते हैं। इस मौके पर नपाध्यक्ष कपिलमुनि, उमाकांत गुप्त, संगम लाल गुप्त, विश्वनाथ, शिव शंकर सिंह, ओम प्रकाश तिवारी आदि मौजूद थे।
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