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शिक्षक गैरहाजिर, बच्चे घर लौटे
Jaunpur
Updated Wed, 23 Oct 2013 05:39 AM IST
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सुइथाकला। क्षेत्र के कुसिया बहार विद्यालय में मंगलवार को प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे। बच्चे विद्यालय पहुंचे और वहां से वापस लौट आए। बच्चों ने बताया कि प्रधानाध्यापक कभी-कभी ही आते हैं। उनके न आने पर विद्यालय बंद ही रहता है। पढ़ाई नहीं होती है। घंटो इंतजार के बाद बच्चों को बिना पढ़ाई किए हुए ही लौटना पड़ा। बच्चे पढ़ाई के बजाए झाड़ू लगा
रहे थे।
सर्व शिक्षा अभियान की हालत खस्ता है। विद्यालयों में अध्यापक पहुंच ही नहीं रहे हैं। कहीं विद्यालय खुल ही नहीं रहा तो कहीं पर सिर्फ एक शिक्षामित्र बच्चों पढ़ा रहा है। सुइथाकला क्षेत्र के कुसिया बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे। यहां सिर्फ एक शिक्षामित्र शिवरात्री ही मौजद थीं। करीब 131 बच्चों को वह अकेली ही पढ़ा रही थीं। इसी परिसर में जूनियर हाईस्कूल का ताला नहीं खुला। प्रधानाध्यापक 10:30 बजे तक नहीं पहुंचे थे। विद्यालय में पढ़ने आए बच्चे विद्यालय के बाहर ही बैठे थे। पढ़ने आई छात्रा सुंदरिका कक्षा सात, पूजा कक्षा छह, संगीता कक्षा छह, शिव कुमार कक्षा आठ और मंजीत कक्षा छह ने बताया कि गुरु जी कभी-कभी आते हैं। हम लोग समय से स्कूल पहुंच जाते हैं और घंटो बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है। जब गुरु जी नहीं आते तब विद्यालय बंद रहता है। इसके अलावा सदरुद्दीनपुर विद्यालय बंद था। यहां भी प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे थे। बच्चे बिना पढ़े ही घर लौट गए थे। एबीएसए शिव कुमार मिश्र का कहना है कि विद्यालय बंद होने की शिकायत मिली है। जांच करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
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रहे थे।
सर्व शिक्षा अभियान की हालत खस्ता है। विद्यालयों में अध्यापक पहुंच ही नहीं रहे हैं। कहीं विद्यालय खुल ही नहीं रहा तो कहीं पर सिर्फ एक शिक्षामित्र बच्चों पढ़ा रहा है। सुइथाकला क्षेत्र के कुसिया बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे। यहां सिर्फ एक शिक्षामित्र शिवरात्री ही मौजद थीं। करीब 131 बच्चों को वह अकेली ही पढ़ा रही थीं। इसी परिसर में जूनियर हाईस्कूल का ताला नहीं खुला। प्रधानाध्यापक 10:30 बजे तक नहीं पहुंचे थे। विद्यालय में पढ़ने आए बच्चे विद्यालय के बाहर ही बैठे थे। पढ़ने आई छात्रा सुंदरिका कक्षा सात, पूजा कक्षा छह, संगीता कक्षा छह, शिव कुमार कक्षा आठ और मंजीत कक्षा छह ने बताया कि गुरु जी कभी-कभी आते हैं। हम लोग समय से स्कूल पहुंच जाते हैं और घंटो बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है। जब गुरु जी नहीं आते तब विद्यालय बंद रहता है। इसके अलावा सदरुद्दीनपुर विद्यालय बंद था। यहां भी प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे थे। बच्चे बिना पढ़े ही घर लौट गए थे। एबीएसए शिव कुमार मिश्र का कहना है कि विद्यालय बंद होने की शिकायत मिली है। जांच करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
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