फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   90% reduction in rental fees, agreement for just Rs 1000

Jaunpur News: किरायेनामे पर 90 फीसदी घटा शुल्क, मात्र एक हजार रुपये में एग्रीमेंट

Sun, 14 Dec 2025 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
90% reduction in rental fees, agreement for just Rs 1000
- अनुबंधों को बढ़ावा देने के लिए स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने लिया निर्णय, 26 व्यापारियों ने कराया रजिस्ट्रेशन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। सरकार ने किरायेनामे के लिए होने वाले अनुबंध में स्टांप व स्टांप शुल्क में 90 फीसदी तक कम की है। अब मात्र एक हजार रुपये में एग्रीमेंट हो रहा है।
शुल्क में कमी का उद्देश्य अनुबंध पत्रों को बढ़ावा देना है। अधिकारियों का मानना है कि अनुबंध पत्रों के बढ़ने से राजस्व में बढ़ोतरी होगी। पहले एक से पांच साल तक के किरायेनामा में शहर में चार व ग्रामीण क्षेत्रों में दो फीसदी स्टांप शुल्क देना पड़ता था लेकिन यह सुविधा सिर्फ दुकान, मकान, रेस्टोरेंट के लिए थी। टोल प्लाजा व खनिज पट्टों के इससे अलग रखा गया था। 19 नवंबर से शुरू हुई योजना में अब तक 26 व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
विज्ञापन

पहले शहरी क्षेत्र में एक साल तक दो लाख तक वार्षिक किराये पर आठ हजार रुपये स्टांप व दो हजार रुपये उप निबंधन शुल्क देना पड़ता था। अब वर्तमान में 500 रुपये स्टांप व 500 रुपये उप निबंधन शुल्क देना पड़ता है। इससे नौ हजार रुपये की बचत होगी। वहीं किरायेनामा एक से अधिक लेकिन पांच वर्ष तक रहता है तो शहरी क्षेत्र में स्टांप 24 हजार और उप निबंधन शुल्क छह हजार रुपये लगता था। पहले 30 हजार रुपये खर्च लगता था अब छह हजार रुपये में काम हो जा रहा है। यदि किरायानामा पांच वर्ष से अधिक और 10 वर्ष का होता है तो स्टांप 32 हजार रुपये औ उप निबंधन शुल्क आठ हजार रुपये लगता था। घटने से दो हजार का स्टांप और दो हजार की फीस लगती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

......................................................................................
अनुबंधाें में होगा इजाफा
अफसरों का मानना है कि सरकार के निर्णय से किरायेनामे के अनुबंधों में इजाफा होगा। अनुबंध बढ़ेंगे तो सरकार का राजस्व में बढ़ेगा। चार प्रतिशत स्टांप शुल्क के कारण किरायेनामा को अधिकतर लोग पंजीकृत नहीं कराते हैं। लेकिन अब इन अनुबंध का पंजीकरण बढ़ेगा। हर भवन मालिक और किरायेदार अनुबंध करेंगे और उसे पंजीकृत भी कराएंगे। प्रदेश सरकार ने अनुबंध पर निर्धारित स्टांप शुल्क को 90 प्रतिशत तक कम करने का निर्णय लिया है।

.........................................................................................
ये होंगे लाभ :-
- हर भवन मालिक और किरायेदार कराएंगे अनुबंध और उसका पंजीकरण।
- रजिस्टर्ड किरायानामा कानूनी रूप से प्रभावी होता है।
- एक साल से ज्यादा का किरायानामा कानूनी रूप से रजिस्टर्ड होना चाहिए।
- भवन मालिक और किरायेदारों के विवाद कम होंगे।
- पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध एजेंटों पर रोक लगेगी।
- निबंधन विभाग की आय बढ़ेगी।
......................................................................................
वर्जन ...
शासन ने किरायेनामा पर शुल्क घटा दिया है। इससे लोग अब आसानी से अपना किराया नामा कम शुल्क में बनवा सकते हैं। इसके लिए अनुबंध कराने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार ने फीस इतनी कम कर दी है कि अब किसी को अनुबंध कराने में दिक्कत नहीं होना चाहिए। जो लोग अनुबंध नहीं कराएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार सिंह, एआईजी स्टांप।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed