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कहने को 82 बसें, चलती हैं 55-60, यात्री हो रहे परेशान

Mon, 01 Aug 2022 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:45 PM IST
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82 buses to say, 55-60 run, passengers are getting upset
रोडवेज परिसर में बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जौनपुर डिपो में कहने को 82 बसें हैं, लेकिन विभिन्न रूटों पर करीब 55-60 बसें ही संचालित होती है। इनमें भी प्राय: चार-पांच बसें बीच रास्ते में ही दगा दे जाती हैं। इससे यात्रियों को जहां परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, इससे जौनपुर डिपो को रोजाना दो से तीन लाख रुपये के राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है। जौनपुर डिपो के बेड़े में 82 बसें हैं। यह बसें प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, मिर्जापुर, गोरखपुर आदि रूटों पर संचालित होती हैं। इससे पहले डिपो को आठ से नौ लाख रुपये का राजस्व मिलता था लेकिन अब यह राजस्व घट गया है। यह बात सामने आई कि डिपो से इस समय 55 से 60 बसें ही निकल पा रही हैं क्योंकि डिपो के पास 10 से 11 साल की अवधि पूरी करने वाली पांच बसें हैं, जबकि 11 से अधिक अवधि वाली 13 बसें हैं। इसी तरह देखा जाए तो 10 लाख किलोमीटर से अधिक चलने वाली कुल 24 बसें हैं, जो कंडम मानी जाने लगती हैं लेकिन इन बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यह बसें प्राय: रास्ते में दगा दे जाती हैं। बड़ी संख्या में बसें मैकेनिकल समस्या के चलते खराब पड़ी हैं। इनके पार्ट के लिए भी मुख्यालय को अवगत कराया गया है। जहां से पार्ट आने पर इन बसों को दुरुस्त किया जाएगा। वहीं, इस तरह बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को भी बसों का इंतजार करना पड़ता है। कई बात तो एक से दो घंटे तक इंतजार के बाद बसें मिलती हैं। डिपो के जिम्मेदार भी मानते हैं कि प्राय: चार से पांच गाडि़यां रास्ते में बिगड़ जाती हैं, जिसे डिपो से कर्मचारियों को भेजकर सही कराया जाता है, जबकि यात्रियों को दूसरी बसों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
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यह सच है कि इन दिनों परेशानी हो रही है। मुख्यालय बात हो गई है। पार्ट आ रहे हैं और गाडि़यों को सही करा लिया जाएगा। पहले 82 गाडि़यों से कम से कम रोजाना 8-9 लाख रुपये का राजस्व होना चाहिए, लेकिन गाडि़यों की दशा ठीक न होने के कारण छह से साढ़े छह लाख रुपये ही हो रहा है। दो नई गाडि़यां मिलने वाली हैं। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। - विश्राम एआरएम, जौनपुर
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