फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   79 meritorious graduates and postgraduates received 80 gold medals.

Jaunpur News: स्नातक और स्नातकोत्तर के 79 मेधावियों को मिले 80 स्वर्ण पदक

Tue, 07 Oct 2025 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
79 meritorious graduates and postgraduates received 80 gold medals.
मंच पर कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को बटन से खुलने वाली भागवत गीता भेंट क
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 29 वें दीक्षांत समारोह का आयोजन सोमवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में किया गया। विवि में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर के 79 मेधावियों को 80 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। साथ ही 445 शोधार्थियों को पीएचडी और दो को डीलिट की उपाधि दी गई। इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मेरी यह बात शायद लोगों को बुरी लगे। लेकिन मैं कहना चाहूंगी कि भारत को विश्व गुरु बनाना है तो अपनी आदतें सुधारनी होंगी।
विज्ञापन

शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब विद्यार्थी गुरु के पास बैठकर कक्षा में संवाद करें। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की गई है और इसका कड़ाई से पालन विश्वविद्यालयों को करना होगा। ऐसा न होने पर परीक्षा में बैठने नहीं देना होगा। शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। राज्यपाल ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ चरित्र निर्माण भी करें। फाॅर्म समय से भरवाना सुनिश्चित करें, क्योंकि इसका असर परीक्षा और परिणाम पर पड़ता है। यही कागजी परिणाम विद्यार्थियों का भविष्य तय करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में रिसर्च गंभीरता के साथ होनी चाहिए, क्योंकि रिसर्च ही देश और समाज के लिए उपयोगी होता है। इसके लिए शिक्षक और विद्यार्थी दोनों में जज्बा होना जरूरी है।
विज्ञापन

डिग्री और स्वर्ण पदक मंजिल नहीं, यह समाज और देश की सेवा की शुरुआत : मंत्री
जौनपुर। दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि माता-पिता के त्याग और गुरुओं के मार्गदर्शन के बिना सफलता संभव नहीं, इसलिए हर छात्र को उनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। डिग्री और स्वर्ण पदक मंजिल नहीं, यह समाज और देश की सेवा की शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। परिवर्तन के वाहक बनें और अपने कौशल से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। कहा कि आप जीवन के एक नए अध्याय में प्रवेश कर रहे हैं। यह आपका टर्निंग पॉइंट है। देश और प्रदेश तेजी से बदल रहे हैं और विकसित भारत की कल्पना को साकार करना छात्रों और युवाओं के बिना संभव नहीं है। विकसित भारत बनाने के लिए हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। स्वदेशी को अपनाते हुए हमें सामाजिक सरोकारों से जुड़ना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा का केंद्र बना प्रदेश : उच्च शिक्षा राज्य मंत्री
जौनपुर। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि प्रदेश शिक्षा का केंद्र बन गया है। वर्तमान सरकार ने कई नए विश्वविद्यालय और कॉलेज स्थापित किए हैं। आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा व्यवस्था में सरकार ने सुधार किया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उपाधियां मेहनत और लगन का प्रतिफल हैं। इन उपाधियों का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। आगे के जीवन में आपको सफलता और असफलता दोनों का सामना करना पड़ेगा। इन्हीं चुनौतियों के बीच से आपको सफलता का रास्ता खोजना और बनाना होगा।
सिर्फ यूजर नहीं, क्रिएटर बनिए : सुनील दत्त
जौनपुर। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड, मुंबई के प्रेसिडेंट (डिवाइसेज एंड सेल्स) सुनील दत्त ने कहा कि तकनीक का सृजन करिए, सिर्फ यूजर नहीं, क्रिएटर बनिए। उन्होंने कहा कि एक समय डेटा यूज करने में देश 55वें स्थान पर था। लेकिन आज नंबर वन है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब युवाओं को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं बल्कि सृजनकर्ता बनना होगा। तकनीक का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब जियो की शुरुआत हुई थी, तब लोग मानते थे कि भारत इसके लिए तैयार नहीं है, लेकिन आज जियो ने यह साबित कर दिया कि भारत का हर नागरिक डिजिटल रूप से सक्षम हो सकता है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट केवल डेटा नहीं, बल्कि शिक्षा, अवसर और प्रेरणा देता है। जियो का उद्देश्य केवल तकनीक बेचना नहीं था, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों तक समान अवसर पहुंचाना था।

डीजी लॉकर में रखी गईं 80141 डिग्री
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की 80141 डिग्रियों को सुरक्षित डीजी लॉकर में रखा गया। यह कार्य राज्यपाल ने बटन दबाकर कर किया। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले 25 लाख डिग्रियां कमरे में बंद पड़ी थीं। मैंने निर्णय लिया कि किसी की डिग्री इस तरह नहीं पड़ी रहेगी और इसके लिए किसी को आने की जरूरत नहीं है। इसी का परिणाम है कि अब एक क्लिक पर विद्यार्थियों को अपनी डिग्री मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed