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हड़ताल से 75 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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जौनपुर। अपनी-अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए सोमवार को 10 केंद्रीय श्रम संगठनों एवं फेडरेशन के देशव्यापी हड़ताल का ज्यादा असर जिले में नहीं दिखा। इस दौरान बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य आदि सुविधाओं पहले की भांति चलती रहीं। सिर्फ बैंकों का 75 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। कारण जिले में कई बैंक शाखाएं खुली रहीं तो कई कार्यालय के कर्मचारियों ने हड़ताल में अपना समर्थन दिया था।
जिले में बैंक, एलआईसी, बिजली विभाग, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य कर्मचारी महासंघ, किसान संगठन, मेडीकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स आदि कामगार संगठनों का दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल सोमवार से शुरू हुआ। इस दौरान 10 श्रमिक संगठनों के साथ मेडीकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के 500 दवा प्रतिनिधियों ने कार्य बहिष्कार कर मांगों को पूरा करने की मांग की। वहीं, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने भी हड़ताल के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया और अपराह्न तीन से पांच बजे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निजीकरण हेतु जारी किए गए इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 और स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के मसौदे को वापस लेने, निजीकरण की समस्त प्रक्रिया निरस्त करने और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण और आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने आदि मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की लेकिन हड़ताल का कोई असर बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ा। इसी प्रकार, एलआईसी, डाक, दूरसंचार सहित अन्य सेवाओं भी पहले की भांति चलती रही। सिर्फ बैंकों में थोड़ा बहुत कार्य प्रभावित हुआ। इस दौरान लेनदेन, चेक क्लियरिंग आदि का कार्य प्रभावित रहा।
वर्जन...
हड़ताल के बावजूद कई बैंकों के ताले खुले रहे। काफी कम संख्या में ही बैंकों पर ताला लटका रहा, जिसके कारण बैंकों पर बहुत प्रभाव हड़ताल का नहीं पड़ा। 75 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। - अनिल सिन्हा, एलडीएम, यूबीआई
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जिले में बैंक, एलआईसी, बिजली विभाग, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य कर्मचारी महासंघ, किसान संगठन, मेडीकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स आदि कामगार संगठनों का दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल सोमवार से शुरू हुआ। इस दौरान 10 श्रमिक संगठनों के साथ मेडीकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के 500 दवा प्रतिनिधियों ने कार्य बहिष्कार कर मांगों को पूरा करने की मांग की। वहीं, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने भी हड़ताल के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया और अपराह्न तीन से पांच बजे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निजीकरण हेतु जारी किए गए इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 और स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के मसौदे को वापस लेने, निजीकरण की समस्त प्रक्रिया निरस्त करने और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण और आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने आदि मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की लेकिन हड़ताल का कोई असर बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ा। इसी प्रकार, एलआईसी, डाक, दूरसंचार सहित अन्य सेवाओं भी पहले की भांति चलती रही। सिर्फ बैंकों में थोड़ा बहुत कार्य प्रभावित हुआ। इस दौरान लेनदेन, चेक क्लियरिंग आदि का कार्य प्रभावित रहा।
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हड़ताल के बावजूद कई बैंकों के ताले खुले रहे। काफी कम संख्या में ही बैंकों पर ताला लटका रहा, जिसके कारण बैंकों पर बहुत प्रभाव हड़ताल का नहीं पड़ा। 75 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। - अनिल सिन्हा, एलडीएम, यूबीआई
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