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हल्की बारिश के बाद ठप हो गया मड़ाई का कार्य
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जौनपुर। आसमान में छाए बादलों के बीच बुधवार को दोपहर में हुई हल्की बारिश से गेहूं की मड़ाई का कार्य ठप हो गया। मौसम के बदले मिजाज से किसान चिंता में डूब गए हैं। किसानों का मानना है कि अगर बारिश तेज हुई और ओले पड़े तो उनके खून पसीने की कमाई मिट्टी में मिल जाएगी। हालांकि कहीं 10 मिनट तो कहीं 15 मिनट बाद बारिश ठप हो गई लेकिन आसमान में छाए बादल किसानों को अभी भी डरा रहे हैं। बारिश के बाद मौसम की तल्खी अचानक कम हो गई। सोमवार को अधिकतम तापमान जहां 42 डिग्री तक पहुंच गया था वहीं तापमान का पारा अचानक लुढ़ककर 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली है।
मंगलवार को सुबह से ही मौसम का रुख बदल गया था। आसमान में बादल छा गया थे। बालदों को देख किसान मड़ाई का काम तेज कर दिए थे। मंगलवार दिन के अलावा रात में भी किसान मड़ाई के काम में लगे थे। तभी बुधवार को सुबह करीब छह ठंडी हवाओं के बीच बूंदाबादी शुरू हो गई। खलिहान में रखी फसलो को बचाने के लिए किसान उसे पालिथीन और तिरपाल आदि से ढककर सुरक्षित करने में लग गए। दोपहर करीब एक बजे रिमझिम बारिश शुरू हो गई। बारिश से गेहूं का डांठ नरम हो गया जिससे मड़ाई का काम ठप हो गया। किसानों की माने तो अभी भ गनीमत है। अगर मौसम साफ हो गया तो एक दिन बाद ही फिर से मड़ाई का काम शुरू हो जाएगा लेकिन फिर बारिश हुआ और बारिश के साथ ओले भी पड़े तो उनकी गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल जाएगी। अभी तक जिले में महज 15 फीसदी गेहूं की मड़ाई का काम पूरा हो सका है। 85 फीसदी फसल खेत में है या फिर खलिहान में रखी गई है। मडिय़ाहूं के किसान राममूरत, दल सिंगार, प्यारेलाल, संतलाल आदि किसानों का कहना है कि बारिश के चलते मड़ाई का काम जरूर रोकना पड़ा है पर अभी से भी मौसम साफ हो जाए तो फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। गौराबादशाहपुर, केराकत, जलालपुर, बरसठी, शाहगंज, बदलापुर, जफराबाद, सिकरारा, करंजाकला, खेतासराय, मुंगराबादशाहपुर समेत जिले के अन्य हिस्सों में भी बारिश हुई है। सिकरारा क्षेत्र के दुदौली गांव के किसान कैलाश यादव का कहना है कि बारिश तेज हुई तो गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे। भूंसा का भी नुकसान होगा। जिससे खाद्यान्न के साथ साथ पशुओं के लिए चारे का भी संकट उत्पन्न हो जाएगा।
मंगलवार को सुबह से ही मौसम का रुख बदल गया था। आसमान में बादल छा गया थे। बालदों को देख किसान मड़ाई का काम तेज कर दिए थे। मंगलवार दिन के अलावा रात में भी किसान मड़ाई के काम में लगे थे। तभी बुधवार को सुबह करीब छह ठंडी हवाओं के बीच बूंदाबादी शुरू हो गई। खलिहान में रखी फसलो को बचाने के लिए किसान उसे पालिथीन और तिरपाल आदि से ढककर सुरक्षित करने में लग गए। दोपहर करीब एक बजे रिमझिम बारिश शुरू हो गई। बारिश से गेहूं का डांठ नरम हो गया जिससे मड़ाई का काम ठप हो गया। किसानों की माने तो अभी भ गनीमत है। अगर मौसम साफ हो गया तो एक दिन बाद ही फिर से मड़ाई का काम शुरू हो जाएगा लेकिन फिर बारिश हुआ और बारिश के साथ ओले भी पड़े तो उनकी गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल जाएगी। अभी तक जिले में महज 15 फीसदी गेहूं की मड़ाई का काम पूरा हो सका है। 85 फीसदी फसल खेत में है या फिर खलिहान में रखी गई है। मडिय़ाहूं के किसान राममूरत, दल सिंगार, प्यारेलाल, संतलाल आदि किसानों का कहना है कि बारिश के चलते मड़ाई का काम जरूर रोकना पड़ा है पर अभी से भी मौसम साफ हो जाए तो फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। गौराबादशाहपुर, केराकत, जलालपुर, बरसठी, शाहगंज, बदलापुर, जफराबाद, सिकरारा, करंजाकला, खेतासराय, मुंगराबादशाहपुर समेत जिले के अन्य हिस्सों में भी बारिश हुई है। सिकरारा क्षेत्र के दुदौली गांव के किसान कैलाश यादव का कहना है कि बारिश तेज हुई तो गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे। भूंसा का भी नुकसान होगा। जिससे खाद्यान्न के साथ साथ पशुओं के लिए चारे का भी संकट उत्पन्न हो जाएगा।
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